कर्ज पर अनिल अंबानी की 2 कंपनियों को मिली राहत

मुंबई अनिल अंबानी की कंपनियों रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और को कर्ज से जुड़े उनके मसले सुलझाने के लिए लेंडर्स ने और समय दे दिया। इस राहत के कारण दोनों कंपनियों के शेयर गुरुवार को चढ़े। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने अपने सभी लेंडर्स के साथ एक इंटर-क्रेडिटर अग्रीमेंट (ICA) किया, वहीं रिलायंस पावर ने अपने सामलकोट प्रॉजेक्ट के 2430 करोड़ रुपये के कर्ज के लिए यूएस एग्जिम बैंक से डेट रीस्ट्रक्चरिंग अग्रीमेंट होने का ऐलान किया। दोनों कंपनियां लिक्विडिटी की तंगी से जूझ रही हैं। इससे कर्ज चुकाने मे उन्हें मुश्किल हो रही है। ग्रुप की एक अन्य कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस का मामला अभी इनसॉल्वेंसी से जुड़ी अदालत में है, वहीं लिक्विडिटी से जुड़ी समस्या का सामना कर रही रिलायंस कैपिटल की क्रेडिट रेटिंग घटाई जा चुकी है। अग्रीमेंट के बाद झूमे शेयर लेंडर्स से हुए अग्रीमेंट से का शेयर बीएसई पर करीब 11% चढ़कर 51 रुपये पर पहुंच गया। पिछले सालभर में इस शेयर में 37.30 रुपये से 488.50 रुपये के बीच ट्रेड हुआ है। रिलायंस पावर का शेयर 5.5% चढ़कर 4.21 रुपये पर पहुंच गया। पिछले 52 हफ्तों में इसमें 3.95 रुपये से 39.25 रुपये के बीच ट्रेड हुआ है। लेंडर्स के साथ आईसीए रिलायंस इंफ्रा ने अपने 16 लेंडर्स के साथ आईसीए किया। इससे कंपनी को अपना डेट क्राइसिस सुलझाने के लिए 180 दिनों का समय मिल गया। कर्जदार अगर बकाया चुकाने की हालत में न हो तो आईसीए के जरिए स्ट्रेस्ड ऐसेट्स के रिजॉल्यूशन के नियम तय किए जाते हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा, 'रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को 180 दिनों की डेडलाइन के भीतर रिजॉल्यूशन प्लान लागू करने का भरोसा है।' कंपनी ने साल 2020 तक कर्ज मुक्त होने का लक्ष्य रखा है और वह लोन चुकाने की खातिर पैसा जुटाने के लिए अपनी असेट्स बेचने की योजना बना रही है। आर पावर के लिए रीस्ट्रक्चरिंग अग्रीमेंट रिलायंस पावर के मामले में यूएस एग्जिम बैंक ने अमॉर्टाइजिंग रीपेमेंट शेड्यूल को बुलेट रीपेमेंट्स में बदलने और फाइनल लोन मच्योरिटी को 2019-20 की पहले की टाइमलाइन से बढ़ाकर जून 2022 तक करने पर सहमति जताई है। कंपनी के एक सूत्र ने बताया कि बैंक मुश्किल में फंसे प्रॉजेक्ट के लिए ब्याज दर 2.65% सालाना बनाए रखने पर राजी हो गया है।


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