पाकिस्‍तानी पीएम इमरान खान ने माना, 'रहस्‍यमय' पत्‍नी को बताए बिना नहीं करते कोई काम

पाकिस्‍तानी पीएम इमरान खान ने माना, 'रहस्‍यमय' पत्‍नी को बताए बिना नहीं करते कोई काम

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान की प्रथम महिला बुशरा बेगम निकाह के बाद से ही पूरी दुनिया के लिए रहस्‍य बनी हुईं हैं। अब निकाह के लंबे समय बाद पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी ने अपनी रहस्‍यमय बीबी के साथ अपने संबंधों के बारे में कई खुलासे किए हैं। इमरान खान ने कहा कि उनकी पत्‍नी बहुत बुद्धिमान हैं। इमरान ने कहा कि वह सरकार से जुड़े हर मुद्दे पर अपनी पत्‍नी के साथ चर्चा करते हैं। इमरान खान का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पर पर्दे के पीछे सरकार चलाने के आरोप लग रहे हैं। बुशरा बीबी पर जादू-टोना करने के भी आरोप लगे हैं। इमरान खान ने जर्मनी की पत्रिका डेर स्‍पीगल को दिए साक्षात्‍कार में कहा, 'मैं अपनी पत्‍नी के साथ हर मुद्दे पर चर्चा करता हूं। इसमें वे समस्‍याएं भी शामिल हैं जिनका मैं सरकार चलाते समय और जटिल परिस्थितियों का सामना करते समय करता हूं।' 'बुशरा बीबी के बिना मेरी जिंदगी आसान नहीं होगी' पाकिस्‍तानी पीएम ने कहा कि वह केवल एक मूर्ख होता है जो हर मुद्दे पर अपनी पत्‍नी से बात नहीं करता है। इमरान ने कहा, 'बुशरा बीबी मेरी हमसफर हैं। वह मेरी जीवनसाथी हैं। उनके बिना मेरी जिंदगी आसान नहीं होगी।' इमरान खान ने अपनी सरकार के सफलतापूर्वक संचालन के लिए पत्‍नी बुशरा बीबी को सारा क्रेडिट दिया।' पूरे इंटरव्‍यू के दौरान इमरान खान ने कई बार बुशरा बीबी के बुद्ध‍िमत्‍ता की तारीफ की। इससे पहले इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की महिला सांसद उज्मा कारदार का एक ऑडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो गया था। इसमें दावा किया जा रहा है कि उज्मा ने अपने किसी पत्रकार मित्र के साथ बातचीत में इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी और पाकिस्तानी सेना पर जमकर आरोप लगाया। जिसने इस बातचीत को रेकॉर्ड किया उसे बाद में वायरल कर दिया। 'चेहरा पढ़ लेती हैं बुशरा, जिन्‍नों से करती हैं बात' उज्मा ने इसमें कहा कि पाकिस्तान को पीएम इमरान की पत्नी बुशरा बीबी चला रही हैं और वे अपनी पत्नी से बिना पूछे कोई काम नहीं कर सकते। बुशरा बीबी इमरान खान का चेहरा पढ़ लेती हैं। बुशरा जिन्नों से बात करने वाली महिला हैं और उनको पता चल जाता है कि इमरान का आज का दिन कैसा बीता। उज्मा इस बातचीत के दौरान कहती सुनाई दे रही हैं कि इमरान को बुशरा ही चला रही हैं। बुशरा ने घर में एक लाइन खींच दी है उसके आगे कोई भी नहीं जा सकता। पहले तो हम लोग आराम से इमरान के घर चले जाते थे लेकिन बुशरा के आने के बाद बाकी को तो छोड़िए शाह महमूद कुरैशी भी अंदर नहीं जा सकते हैं। इस बातचीत के दौरान उज्मा ने पाकिस्तानी फौज को लेकर भी काफी कुछ कहा। उन्होंने दावा किया कि सरकार के काम में फौज का पूरा दखल होता है और इसमें गलत क्या है। पाकिस्तान में यह हमेशा से हुआ है। यहां फौज के बिना कोई सरकार चल ही नहीं सकती है। बता दें कि उन्होंने इस बातचीत में फौज को एस्टेबिलिशमेंट के नाम से संबोधित किया है।


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अभ‍िनंदन वर्धमान पर खुलासे से पाकिस्‍तान में भूचाल, नवाज शरीफ बनाम आर्मी चीफ की जंग और तेज

अभ‍िनंदन वर्धमान पर खुलासे से पाकिस्‍तान में भूचाल, नवाज शरीफ बनाम आर्मी चीफ की जंग और तेज

इस्‍लामाबाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने की परिस्थितियों को लेकर नवाज शरीफ के करीबी सरदार अयाज सादिक के महाविस्‍फोटक खुलासे से पाकिस्‍तान में भूचाल आया हुआ है। पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने पीएमएल एन के नेता के बयान को ‘इतिहास को विकृत’ करने का एक प्रयास करार दिया है। वहीं इस पूरे खुलासे को नवाज शरीफ बनाम सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा की जंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरदार सादिक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने गुरुवार को कहा कि उनका बयान ‘इतिहास को विकृत’ करने का एक प्रयास है। मेजर जनरल इफ्तिखार ने कहा, ‘पाकिस्तान इतिहास को सही करने के उद्देश्य से यह स्पष्ट करना चाहता है कि पाकिस्तान ने अपनी क्षमता और संकल्प का प्रदर्शन किया और 27 फरवरी को अपनी क्षमता के हिसाब से कार्रवाई की।’ सादिक के बयान का राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ा: इफ्तिखार इफ्तिखार ने कहा कि सादिक के बयान का राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘हम सभी को ऐसे समय में जिम्मेदारी से काम करना होगा जब पाकिस्तान के दुश्मनों ने देश पर एक हाइब्रिड युद्ध लाद दिया है…पाकिस्तान की सशस्त्र सेना को न केवल आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के बारे में पता है, बल्कि उनका सामना करने के लिए भी तैयार हैं।’ वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी दावा किया है कि भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर की रिहाई के लिये देश पर कोई दबाव नहीं था। सादिक की टिप्पणी पर विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई को लेकर पाकिस्तान पर कोई दबाव नहीं था । प्रवक्ता ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'पाकिस्तान सरकार ने यह निर्णय शांति के मद्देनजर लिया था और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस फैसले का स्वागत किया था।' उधर, इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने कहा है कि नवाज शरीफ के करीबी नेता सादिक भारत की भाषा बोल रहे हैं। सादिक ने 100 भारत को खुश करने के लिए यह बयान दिया है। 'बाजवा के पैर कांप रहे थे, माथे पर पसीने की बूंदें थीं' इससे पहले सादिक ने कहा था कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सहित देश के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में एक बैठक के दौरान उस समय ‘पैर कांप रहे थे और माथे पर पसीने की बूंदे झलक रही थी’ जब विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने की गुहार लगाते हुए कहा था कि यदि उन्हें रिहा नहीं किया गया तो भारत पाकिस्तान पर हमला कर देगा। सादिक, पीएमएल-एन सरकार के समय नेशनल असेंबली के अध्यक्ष थे। सादिक ने कहा, ‘पैर कांप रहे थे और माथे पर पसीने छूट रहे थे और विदेश मंत्री (कुरैशी) ने हमसे कहा कि अल्लाह के वास्ते हमें उन्हें (वर्धमान) छोड़ देना चाहिए क्योंकि भारत रात नौ बजे पाकिस्तान पर हमला कर रहा है।’ सादिक ने कहा, ‘भारत हमला करने की योजना नहीं बना रहा था ... वे सिर्फ भारत के आगे घुटने टेकना चाहते थे और अभिनंदन को वापस भेजना चाहते थे।’ भारतीय वायु सेना के 37 वर्षीय अधिकारी को 27 फरवरी को पाकिस्तानी सेना ने उस दौरान बंदी बना लिया था जब पाकिस्तानी विमानों के साथ हुई हवाई जंग में वर्धमान के मिग-21 बाइसन विमान को गिरा दिया गया था। सादिक के खुलासे से नवाज बनाम बाजवा की जंग और तेज पीएमएल एन नेता सादिक के खुलासे से पाकिस्‍तान में नवाज शरीफ बनाम सेना प्रमुख की जंग और तेज हो गई है। विश्‍लेषकों का मानना है कि सेना प्रमुख पर पिछले कई दिनों से लगातार हमले कर रहे नवाज शरीफ के करीबी ने अभिनंदन के रिहाई की पोल खोलकर जनरल बाजवा की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इससे पहले बाजवा अभिनंदन की गिरफ्तारी को लेकर शेखी बघारते थे लेकिन इस खुलासे ने उनकी पोल खोलकर रख दी है। यही नहीं जनरल बाजवा की क‍ठपुतली इमरान सरकार भी अब सवालों के घेरे में आ गई है।


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पाकिस्‍तान के पेशावर में मदरसे में IED विस्‍फोट, 7 लोगों की मौत, 70 घायल

पाकिस्‍तान के पेशावर में मदरसे में IED विस्‍फोट, 7 लोगों की मौत, 70 घायल

पेशावर पाकिस्‍तान के पेशावर में एक मदरसे में जोरदार विस्‍फोट से कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और 70 अन्‍य लोग घायल हो गए हैं। घायलों में कई बच्‍चे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह विस्‍फोट पेशावर के दीर कॉलोनी में हुआ है। एसएसपी मंसूर अमन ने विस्‍फोट की पुष्टि की है और बताया विस्‍फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। अ‍ब 7 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। विस्‍फोट के समय मदरसे में कुरान की पढ़ाई चल रही थी। डॉन न्‍यूज ने लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के प्रवक्‍ता मोहम्‍मद असीम के हवाले कहा कि सात शव अस्‍पताल लाए गए हैं और 70 लोग घायल हैं। इसमें बच्‍चे भी शामिल हैं। उन्‍होंने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और आलाधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। असीम ने बताया कि अस्‍पताल में आपातकाल की घोषणा की गई है। एसएसपी ने कहा कि प्रारंभिक सूचना के मुताबिक विस्‍फोट में आईईडी का इस्‍तेमाल किया गया है। उन्‍होंने कहा, 'इस व‍िस्‍फोट में 5 किलो विस्‍फोटक का इस्‍तेमाल किया गया है।' पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। पिछले महीने भी खैबर पख्‍तूनख्‍वा इलाके में विस्‍फोट हुआ था जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई थी। एक अन्‍य पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह विस्‍फोट मदरसे में कुरान की पढ़ाई के समय हुआ। उन्‍होंने कहा कि किसी ने मदरसे में विस्‍फोटकों से भरा बैग रखा था। पुलिस अधिकारी मोहम्‍मद अली गंदापुर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा क‍ि घायलों में दो शिक्षक भी शामिल हैं।


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पाकिस्‍तान में खुलेआम उठी आजाद बलूचिस्‍तान की मांग, जानें क्‍यों चर्चा में आई बीजेपी

पाकिस्‍तान में खुलेआम उठी आजाद बलूचिस्‍तान की मांग, जानें क्‍यों चर्चा में आई बीजेपी

क्‍वेटा पाकिस्‍तान में इमरान खान सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए विपक्षी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की ओर से आयोजित तीसरी रैली में देश को बनाने की मांग से पाकिस्‍तान में विवाद पैदा हो गया है। PDM की इस जोरदार रैली में जमियत उलेमा-ए-पाकिस्‍तान के नेता औवैस नूरानी ने आजाद बलूचिस्‍तान बनाए जाने का ऐलान किया। उन्‍होंने कहा कि बलूचिस्‍तान की जनता को लुटेरे और डाकू लूट रहे हैं, हम उसे निजात दिलाएंगे। आजाद बलूचिस्‍तान देश बनाए जाने के इस ऐलान से इमरान खान सरकार को तीखी मिर्ची लगी है। बलूचिस्‍तान के कठपुतली मुख्‍यमंत्री जाम कमला खान अलयानी ने नूरानी के बयान की निंदा की और कहा कि क्‍या यह पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की रैली है या बीजेपी की? उन्‍होंने कहा क‍ि पीडीएम के नेता बलूचिस्‍तान को एक छोटा प्रांत बनाना बंद करें। बलूचिस्‍तान से लगातार गायब होते लोगों का मुद्दा उठा व‍िपक्ष की रैली में बलूचिस्‍तान से लगातार गायब होते लोगों का मुद्दा उठा। मरियम नवाज शरीफ ने पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई पर निशाना साधते हुए कहा कि बलूचिस्‍तान से लोग गायब हो रहे हैं और इमरान सरकार खामोश बैठी हुई है। दरअसल, चीन के उपन‍िवेश बनते जा रहे पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान प्रांत में ड्रैगन ने अरबों डॉलर का निवेश किया है। यह इलाका प्राकृतिक संसाधनों से भरा हुआ है और यहां से खनिज निकालकर पाकिस्‍तान के सेना के प्रभाव वाला पंजाब राज्‍य और ज्‍यादा अमीर होता जा रहा है। बलूचिस्‍तान को स्‍थानीय लोगों की जमीनी लेकर उसे चीन को दी जा रही हैं और स्‍थानीय लोग इसका विरोध करते हैं तो उन्‍हें आईएसआई उठा ले जाती है। बाद में उनकी लाशें मिलती हैं। पाकिस्‍तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई का स्‍थानीय जनता जोरदार तरीके से जवाब दे रही है। बलूचिस्तान प्रांत में उग्रवादियों ने पाक सेना के नाक में दम कर रखा है। पिछले दिनों उग्रवादियों ने पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में जा रहे पाकिस्तानी तेल एवं गैस कर्मचारियों के काफिले पर हमला किया, जिसमें 14 जवान मारे गए। बलूचिस्‍तान में पहले भी होते रहे हैं हमले शुरू में, हमले का दावा बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने किया लेकिन बाद में एक नए उग्रवादी संगठन ने भी हमले की जिम्मेदारी ली। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि उग्रवादियों के इस हमले में पाकिस्तानी ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी के सात कर्मचारी भी मारे गए। इसके अलावा काफिले की सुरक्षा कर रही पाकिस्तान फ्रंटियर कोर के 6 सैनिकों की भी मौत हुई है। इस इलाके में पहले भी सुरक्षाबलों पर बड़े पैमाने पर हमले होते आए हैं। वहीं गुरुवार को ही आतंकियों ने उत्तरी वजीरिस्तान में एक और सैन्य काफिले को निशाना बनाया। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी समेत छह सैन्यकर्मी मारे गए। सेना ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों ने उत्तरी वजीरिस्तान के रजमाक क्षेत्र के पास आईईडी के जरिए सैन्य काफिले को निशाना बनाया। कौन हैं बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की शुरुआत 1970 के दशक में ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो के शासनकाल में हुई थी। उस समय इस छोटे से आतंकी संगठन ने बलूचिस्तान के इलाके में पाक सेना के नाक में दम कर रखा था। जब पाकिस्तान में सैन्य तानाशाह जियाउल हक सत्ता में आए तो उन्होंने बलूच नेताओं से बातचीत कर इस संगठन के साथ अघोषित संघर्ष विराम कर लिया। इस संगठन में मुख्य रूप से पाकिस्तान के दो ट्राइब्स मिरी और बुगती लड़ाके शामिल हैं। परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल से भड़का बलोचों का गुस्सा उस समय से बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी काफी समय तक किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दिया। लेकिन, जब परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान में सत्ता संभाली तब साल 2000 के आसपास बलूचिस्तान हाईकोर्ट के जस्टिस नवाब मिरी की हत्या हो गई। पाकिस्तानी सेना ने सत्ता के इशारे पर इस केस में बलूच नेता खैर बक्श मिरी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से बलूच लिबरेशन आर्मी ने अपने ऑपरेशन को फिर से शुरू कर दिया। सीपीईसी का विरोध, किए कई हमले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने हमेशा से चीन पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर का विरोध किया है। कई बार इस संगठन के ऊपर पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगे हैं। 2018 में इस संगठन पर कराची में चीन के वाणिज्यिक दूतावास पर हमले के आरोप भी लगे थे। आरोप हैं कि पाकिस्तान ने बलूच नेताओं से बिना राय मशविरा किए बगैर सीपीईसी से जुड़ा फैसला ले लिया।


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पैगंबर कार्टून विवाद: तुर्की के सुर में बोले इमरान खान, मुस्लिमों को भड़का रहे फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति

पैगंबर कार्टून विवाद: तुर्की के सुर में बोले इमरान खान, मुस्लिमों को भड़का रहे फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति

इस्‍लामाबाद पैगंबर मोहम्‍मद साहब के कार्टून को लेकर तुर्की और फ्रांस के बीच चल रहे विवाद में अब पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान कूद पड़े हैं। पाकिस्‍तानी पीएम ने कहा कि फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुअल मेक्रों 'जानबूझकर' अपने नागरिकों समेत मुस्लिमों को भड़का रहे हैं। इससे पहले इस्‍लामिक कट्टरपंथ पर पाकिस्‍तान के नए आका तुर्की के राष्‍ट्रपति तैयप रेसेप एर्दोगान ने फ्रांस के राष्ट्रपति को दिमागी जांच करवाने की सलाह दे डाली थी। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को ट्वीट किया, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने (मैक्रों) इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का रास्ता चुना है तभी तो आतंकवादियों पर हमला करने की बजाय इस्लाम पर हमला किया। आतंकवादी चाहे वह मुसलमान हो, श्वेत वर्चस्ववादी या नाजी विचार।' उन्‍होंने कहा कि इस समय फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति को और ज्‍यादा ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने की बजाय जख्‍मों को भरने की कोशिश करनी चाहिए और अतिवादियों को जगह नहीं देनी चाहिए। मैक्रों को मानसिक इलाज करवाने की जरूरत: एर्दोगन इमरान खान ने कहा कि इस्‍लाम की समझ के बिना उस पर हमला बोलकर फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति ने पूरी दुनिया के अरबों मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया है। इससे पहले इमरान के 'दोस्‍त' तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगन ने मध्य तुर्की के शहर कासेरी में एक भाषण में कहा कि मेक्रों कहे जाने वाले इस व्यक्ति की मुस्लिम और इस्लाम के साथ क्या समस्या है? मैक्रों को मानसिक इलाज करवाने की जरूरत है। एर्दोगान ने आगे कहा कि किसी राष्ट्रप्रमुख को क्या कहा जा सकता है जो धर्म की स्वतंत्रता को नहीं समझता है। साथ ही जो अपने देश में रहने वाले लाखों लोगों के लिए इस तरह से व्यवहार करता है जो एक अलग धर्म को मानने वाले हैं। तुर्की के राष्ट्रपति के इस बयान से भड़के फ्रांस ने अपने राजदूत को अंकारा से वापस बुला लिया है। मेक्रों के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि आक्रोश और अपमान एक विधि नहीं है। ग्रीस मुद्दे पर पहले से ही तुर्की और फ्रांस में तनाव है। ऐसे में तुर्की के राष्ट्रपति के इस भड़काऊ बयान से दोनों देशों के बीच संबंध और खराब होने का अंदेशा है। तुर्की के साथ इस्‍लामिक गुट बनाने में लगा पाकिस्‍तान नागोर्नो-काराबाख की जंग में तुर्की और उसका पिछलग्‍गू पाकिस्‍तान खुलकर अजरबैजान का समर्थन कर रहे हैं। तुर्की मुसलमानों का नया खलीफा बनना चाह रहा है और पाकिस्‍तान उसकी मदद करने में लगा है। इसके बदले में पाकिस्‍तान को कश्‍मीर समेत भारत को घेरने वाले कई मुद्दों पर समर्थन मिल रहा है और घातक हथियार भी मिल रहे हैं। पाकिस्‍तान तुर्की से ऐसे रेडॉर लेने की फिराक में है जो उसे आतंकवादियों को कश्‍मीर में भेजने में मदद करेगा। एफएटीएफ में अकेले तुर्की ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट से निकालने का समर्थन किया था।


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पैगंबर कार्टून विवाद: तुर्की के सुर में बोले इमरान खान, मुस्लिमों को भड़का रहे फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति

पैगंबर कार्टून विवाद: तुर्की के सुर में बोले इमरान खान, मुस्लिमों को भड़का रहे फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति

इस्‍लामाबाद पैगंबर मोहम्‍मद साहब के कार्टून को लेकर तुर्की और फ्रांस के बीच चल रहे विवाद में अब पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान कूद पड़े हैं। पाकिस्‍तानी पीएम ने कहा कि फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुअल मेक्रों 'जानबूझकर' अपने नागरिकों समेत मुस्लिमों को भड़का रहे हैं। इससे पहले इस्‍लामिक कट्टरपंथ पर पाकिस्‍तान के नए आका तुर्की के राष्‍ट्रपति तैयप रेसेप एर्दोगान ने फ्रांस के राष्ट्रपति को दिमागी जांच करवाने की सलाह दे डाली थी। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को ट्वीट किया, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने (मैक्रों) इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का रास्ता चुना है तभी तो आतंकवादियों पर हमला करने की बजाय इस्लाम पर हमला किया। आतंकवादी चाहे वह मुसलमान हो, श्वेत वर्चस्ववादी या नाजी विचार।' उन्‍होंने कहा कि इस समय फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति को और ज्‍यादा ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने की बजाय जख्‍मों को भरने की कोशिश करनी चाहिए और अतिवादियों को जगह नहीं देनी चाहिए। मैक्रों को मानसिक इलाज करवाने की जरूरत: एर्दोगन इमरान खान ने कहा कि इस्‍लाम की समझ के बिना उस पर हमला बोलकर फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति ने पूरी दुनिया के अरबों मुसलमानों की भावनाओं को आहत किया है। इससे पहले इमरान के 'दोस्‍त' तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगन ने मध्य तुर्की के शहर कासेरी में एक भाषण में कहा कि मेक्रों कहे जाने वाले इस व्यक्ति की मुस्लिम और इस्लाम के साथ क्या समस्या है? मैक्रों को मानसिक इलाज करवाने की जरूरत है। एर्दोगान ने आगे कहा कि किसी राष्ट्रप्रमुख को क्या कहा जा सकता है जो धर्म की स्वतंत्रता को नहीं समझता है। साथ ही जो अपने देश में रहने वाले लाखों लोगों के लिए इस तरह से व्यवहार करता है जो एक अलग धर्म को मानने वाले हैं। तुर्की के राष्ट्रपति के इस बयान से भड़के फ्रांस ने अपने राजदूत को अंकारा से वापस बुला लिया है। मेक्रों के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि आक्रोश और अपमान एक विधि नहीं है। ग्रीस मुद्दे पर पहले से ही तुर्की और फ्रांस में तनाव है। ऐसे में तुर्की के राष्ट्रपति के इस भड़काऊ बयान से दोनों देशों के बीच संबंध और खराब होने का अंदेशा है। तुर्की के साथ इस्‍लामिक गुट बनाने में लगा पाकिस्‍तान नागोर्नो-काराबाख की जंग में तुर्की और उसका पिछलग्‍गू पाकिस्‍तान खुलकर अजरबैजान का समर्थन कर रहे हैं। तुर्की मुसलमानों का नया खलीफा बनना चाह रहा है और पाकिस्‍तान उसकी मदद करने में लगा है। इसके बदले में पाकिस्‍तान को कश्‍मीर समेत भारत को घेरने वाले कई मुद्दों पर समर्थन मिल रहा है और घातक हथियार भी मिल रहे हैं। पाकिस्‍तान तुर्की से ऐसे रेडॉर लेने की फिराक में है जो उसे आतंकवादियों को कश्‍मीर में भेजने में मदद करेगा। एफएटीएफ में अकेले तुर्की ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट से निकालने का समर्थन किया था।


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इमरान खान ने मार्क जुकरबर्ग को लिखा लेटर, फेसबुक पर Islamophobia कंटेंट पर बैन की मांग

इमरान खान ने मार्क जुकरबर्ग को लिखा लेटर, फेसबुक पर Islamophobia कंटेंट पर बैन की मांग

इस्लामाबाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फेसबुक पर इस्लाम के प्रति नफरत फैलाने वाले कंटेट को बैन करने की मांग की है। इमरान खान ने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को लेटर लिखकर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर इस्लामोफोबिक कंटेंट पर प्रतिबंध लगाने की बात कही। हालांकि फेसबुक की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इमरान खान ने कहा कि जिस तरह फेसबुक ने हालोकास्ट पर सवाल और आलोचना करने पर बैन लगाया, उसी तरह इस्लामोफोबिया से जुड़े कंटेंट पर भी रोक लगाई जाए। पाकिस्तान सरकार और इमरान खान ने अपने लेटर को ट्विटर पर शेयर किया है। पत्र में इमरान ने लिखा है, ‘मैं आपका ध्यान दुनिया में बढ़ रहे इस्लामोफोबिया के मामलों की तरफ ले जाना चाहता हूं। सोशल मीडिया और खासकर फेसबुक के जरिए पूरी दुनिया में इस्लाम के प्रति नफरत बढ़ रही है।' इमरान ने अपने लेटर में यहूदियों के खिलाफ हिटलर के हॉलोकास्ट का जिक्र करते हुए इससे जुड़े कंटेंट पर फेसबुक के बैन की सराहना की। अपने लेटर के आखिरी में इमरान खान ने मार्क जुकरबर्ग से मांग की कि फेसबुक सोशल मीडिया पर मुसलमानों के खिलाफ बढ़ रही नफरत की भाषा पर रोक लगाए। इमरान ने लिखा है कि नफरत के संदेश पूरी तरह से बैन होने चाहिए।


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FATF के फैसले पर पाकिस्तान में संग्राम, विपक्ष और इमरान सरकार के बीच 'जंग'

FATF के फैसले पर पाकिस्तान में संग्राम, विपक्ष और इमरान सरकार के बीच 'जंग'

इस्लामाबाद फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स के हालिया फैसले को लेकर में सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग जारी है। विपक्षी पार्टियां इमरान खान पर विदेशी मोर्चे पर फेल होने का आरोप लगा रही हैं, वहीं सरकार इसे अपनी जीत के रूप में प्रस्तुत कर रही है। दो दिन पहले ही एफएटीएफ ने आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई से नाराजगी जताते हुए उसे फरवरी 2021 तक ग्रे लिस्ट में ही बने रहने का फैसला सुनाया है। ग्रे लिस्ट में रहने पर अपना पीठ थपथपा रही पाक सरकार पाकिस्तान की विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बने रहने को सरकार की विफलता करार दिया है। पार्टी ने इस मामले को लेकर इमरान खान सरकार से स्पष्टीकरण देने की भी मांग की है। वहीं पाकिस्तानी सरकार चार महीने तक ग्रे लिस्ट में बने रहने के आम सहमति वाले फैसले को अपनी डिप्लोमेटिक जीत बताया है। पाकिस्तान सरकार की लापरवाही पर विपक्ष नाराज पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने आरोप लगाया है कि एफएटीएफ का निर्णय लापरवाही और स्पष्ट रूप से कानूनी मसौदा तैयार करने होमवर्क की कमी का परिणाम था। पाकिस्तानी सीनेट में पीपीपी संसदीय नेता शेरी रहमान ने सवाल पूछा कि सरकारी अधिकारियों ने अपना होमवर्क समय पर क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि एफएटीएफ के अंदरूनी सूत्रों की खबर यह है कि कानून का मसौदा तैयार करने में स्पष्ट रूप से लावरवाही की गई थी। विपक्षी आंदोलन कुचलने का लगाया आरोप शेरी रहमान ने सरकार पर बरसते हुए कहा कि अधिकारियों ने अच्छे समय में सब कुछ क्यों नहीं देखा? वे लगातार विपक्ष विरोधी आंदोलन को दबाने में व्यस्त थे और यही उनका एकमात्र कार्य प्रतीत होता है। उसने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार ने एफएटीएफ के वास्तविक कार्यों को पूरा नहीं किया था और आधे से ज्यादा एक्सरसाइज का उपयोग विपक्ष को टारगेट करने के लिए कानूनों को पारित करने में किया गया था। ग्रे लिस्ट में बने रहने पर बधाई दे रहे पाकिस्तानी मंत्री उद्योग और उत्पादन मंत्री हम्माद अजहर ने पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बने रहने पर बधाई वाला ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि इस परिणाम को सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों ने महामारी के दौरान भी दिन और रात काम किया था। यह वही मंत्री हैं जिन्होंने एफएटीएफ के वर्चुअल प्लेनरी में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। इस पर भी विपक्षी पार्टियां हमलावर हैं। शेरी रहमान ने कहा कि जब हमारा देश अभी भी ग्रे लिस्ट में हैं, तो मंत्रियों को बधाई देते हुए देखना चौंकाने वाला है।


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नवाज शरीफ के दामाद के गिरफ्तारी का खुलासा करने वाले पाकिस्‍तानी पत्रकार लापता, कटघरे में इमरान

नवाज शरीफ के दामाद के गिरफ्तारी का खुलासा करने वाले पाकिस्‍तानी पत्रकार लापता, कटघरे में इमरान

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद कैप्‍टन रिटायर सफदर के कराची के होटल से गिरफ्तारी का सीसीटीवी फुटेज निकालने वाले जिओ टीवी के पत्रकार अली इमरान सईद एक दिन से लापता हैं। इमरान सईद शनिवार की रात करीब 8 बजे घर के पास में ही स्थित बेकरी तक गए थे और उसके बाद से नहीं लौटे हैं। इमरान सईद के नहीं लौटने से परिवार वाले तनाव में हैं और प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार एक बार फिर से विवादों में आ गई है। जिओ न्‍यूज के मुताबिक इमरान सईद की कार उनके कराची स्थित घर के बाहर खड़ी है और उनका मोबाइल फोन भी घर पर है। परिवार वालों का कहना है कि पुलिस को पत्रकार के लापता होने के बारे में सूचना दी गई है। सिंध के मुख्‍यमंत्री मुराद अली शाह ने सिंध पुलिस के चर्चित आईजीपी मुश्‍ताक महार को निर्देश दिया है कि वह पत्रकार की वापसी सुनिश्चित करें। 'पत्रकार का गायब होना अभिव्‍यक्ति की आजादी पर हमला' इस बीच पाकिस्‍तान के विपक्षी दलों ने इमरान खान सरकार को पत्रकार के लापता होने के लिए जिम्‍मेदार बताया है। पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने कहा कि पत्रकार का गायब होना अभिव्‍यक्ति की आजादी पर हमला है। उन्‍होंने कहा कि इस तरह से पत्रकारों के लापता होने से पाकिस्‍तान की पूरी दुनिया में नकारात्‍मक छवि बनती है। पाकिस्‍तानी पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। बता दें कि पाकिस्तान में सेना और पुलिस के बीच चल रहे टकराव और सिंध प्रांत में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स के सिंध प्रांत के आइजी मुश्ताक मेहर के अपहरण और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता सफदर अवान की गिरफ्तारी के पीछे देश के आंतरिक मंत्री ब्रिगेडियर इजाज शाह का हाथ है। एफआईआर दर्ज करने के लिए मंत्री इजाज शाह ने दबाव बनाया मंत्री पाकिस्तानी रेंजर्स की इन कार्रवाइयों का बचाव करते भी दिखे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में किसी भी राजनेता को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय संस्थानों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बताते हैं कि सिंध के आईजी पर पीएमएल-एन के नेता सफदर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मंत्री इजाज शाह ने दबाव बनाया था। क्योंकि पूरे विवाद की जड़ पाकिस्तानी रेंजर्स सीधे आंतरिक मंत्रालय के अधीन कार्य करते हैं। पाकिस्तान सरकार और सेना हाल ही में कराची की घटना को लेकर कड़ी आलोचना झेल रही हैं। नवाज शरीफ के दामाद की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के बाद सिंध प्रांत के आईजी के अपहरण से पाकिस्तानी सेना के खिलाफ एक लड़ाई छिड़ गई है, जिससे देश में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सेना और पुलिस ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


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सेना बनाम पुलिस: सिंध में आईजी के अपहरण के पीछे पाकिस्‍तानी मंत्री का हाथ?

सेना बनाम पुलिस: सिंध में आईजी के अपहरण के पीछे पाकिस्‍तानी मंत्री का हाथ?

इस्‍लामाबाद पाकिस्तान में सेना और पुलिस के बीच चल रहे टकराव और सिंध प्रांत में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तानी रेंजर्स के सिंध प्रांत के आइजी मुश्ताक मेहर के अपहरण और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता सफदर अवान की गिरफ्तारी के पीछे देश के आंतरिक मंत्री ब्रिगेडियर इजाज शाह का हाथ है। मंत्री पाकिस्तानी रेंजर्स की इन कार्रवाइयों का बचाव करते भी दिखे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में किसी भी राजनेता को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय संस्थानों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। बताते हैं कि सिंध के आईजी पर पीएमएल-एन के नेता सफदर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए मंत्री इजाज शाह ने दबाव बनाया था। क्योंकि पूरे विवाद की जड़ पाकिस्तानी रेंजर्स सीधे आंतरिक मंत्रालय के अधीन कार्य करते हैं। बता दें कि पाकिस्तान सरकार और सेना हाल ही में कराची की घटना को लेकर कड़ी आलोचना झेल रही हैं। नवाज शरीफ के दामाद की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के बाद सिंध प्रांत के आईजी के अपहरण से पाकिस्तानी सेना के खिलाफ एक लड़ाई छिड़ गई है, जिससे देश में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सेना और पुलिस ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नवाज पर एक और केस, विपक्ष को इमरान ने चेताया था इस बीच पाकिस्तान की एंटी करप्शन बॉडी ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ नया मामला दर्ज करने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कुछ दिन पहले ही अधिकारियों से भ्रष्टाचार के मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का अनुरोध किया था। हाल में इमरान ने भाषण में कहा था कि विपक्षियों को अब ‘अलग मिजाज वाले इमरान खान’ का सामना करना पड़ेगा। उनके इस बयान को और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और अदालतों में मुकदमे चलाने की चेतावनी के तौर पर देखा गया था। उन्होंने अधिकारियों से भ्रष्टाचार के मामलों का तेजी से निपटान करने का भी अनुरोध किया था। पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के सुप्रीमो 70 वर्षीय नवाज शरीफ को 2017 में भ्रष्टाचार के आरोपों में सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य करार दे दिया था, जिसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। वह फिलहाल इलाज के लिए लंदन में हैं। शरीफ के करीबी लोगों पर इमरान सरकार ने दर्ज कराई FIR समाचार पत्र 'डॉन' की खबर के अनुसार राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) ने शरीफ के पूर्व निजी सचिव फवाद हसन फवाद, पूर्व संघीय मंत्री एहसान इकबाल, पूर्व विदेश सचिव ऐजाज चौधरी और खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व प्रमुख आफताब सुल्तान के खिलाफ मामले दर्ज करने को भी मंजूरी दे दी है। नैब के अध्यक्ष सेवानिवृत न्यायाधीश जावेद इकबाल की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कुल 11 मामले दर्ज करने को मंजूरी दी गई। नैब के अनुसार नवाज शरीफ, चौधरी, सुल्तान और फवाद के खिलाफ ये नए मामले विदेशी व्यक्तियों की सुरक्षा के लिये अवैध रूप से 73 उच्च सुरक्षा वाले वाहन खरीदने के संबंध में दर्ज किये जाएंगे। वे पक्षपात और वाहनों के अवैध इस्तेमाल के आरोपी हैं, जिससे राष्ट्रीय खजाने को 1 अरब 95 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। ईबीएम ने निजी कंपनी अहमद एंड संस के ठेकेदार एहसान इकबाल और मलिक मोहम्मद अहमद के खिलाफ अधिकारियों से साठ-गांठ कर नरोवाल में स्पोर्ट सिटी परियोजना की लागत 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये दिखाने के संबंध में मामला दर्ज करने की भी मंजूरी दी।


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आतंकियों को पालना पाकिस्तान को पड़ा भारी, ढाई साल में 25 अरब डॉलर का घाटा

आतंकियों को पालना पाकिस्तान को पड़ा भारी, ढाई साल में 25 अरब डॉलर का घाटा

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को घेरने की फिराक में लगे रहने वाले पाकिस्तान को फाइनैंशल ऐक्शन टॉस्क फोर्स (FATF) की पेरिस में हुई ऑनलाइन बैठक में मुंह की खानी पड़ी। ने एक बार फिर को ग्रे लिस्ट में ही रखने का ऐलान किया है। यह कोरोना काल में पहले से ही चरमराई पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के लिए एक और बड़ा झटका साबित हो सकता है। इस लिस्ट में रहने से पाक को इस साल दिसंबर तक 25 अरब डॉलर का नुकसान भुगतना पड़ सकता है। FATF ने सुनाया फैसला दरअसल, FATF ने कहा है कि पाकिस्तानी सरकार आतंकवाद के खिलाफ 27 सूत्रीय एजेंडे को पूरा करने में विफल रही है। FATF ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधित आतंकवादियों के खिलाफ भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इससे पहले भारत भी पाकिस्तान को अपनी सरजमीं पर आतकंयों को पनाह देने और भारत पर आतंकी हमलों को अंजाम देने में मदद करने के लिए दुनिया के सामने बेनकाब कर चुका है। हर साल 10 अरब डॉलर का नुकसान ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि FATF के फैसले से इस साल दिसंबर तक पाकिस्तान को 25 अरब डॉलर का नुकसान हो चुकेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पिछले साल यह बताया था कि देश को ग्रे लिस्ट में रहने से हर साल 10 अरब डॉलर का नुकसान होता है। वह जून 2018 से इस लिस्ट में है और दिसंबर 2020 तक ढाई साल हो जाएंगे। ऐसे में यह साफ है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई का नाटक करने वाले पाकिस्तान को अब उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ग्रे लिस्ट से नुकसान क्यों? पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखे जाने से इंटरनैशनल मॉनिटरिंग फंड (आईएमएफ), विश्व बैंक और यूरोपीय संघ से आर्थिक मदद मिलना मुश्किल होगा जबकि इस वक्त, खासकर कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री इमरान खान पहले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांग चुके हैं। इससे जाहिर है उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा। क्या है FATF? FATF ग्लोबल मनी लॉन्डरिंग और आतंकी फंडिंग वॉचडॉग है। कई सरकारों के बीच काम करने वाले संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानक तय कर रखे हैं ताकि अवैध गतिविधियां रोकी जा सकें और समाज को जो नुकसान हो रहा है उससे बचा जा सके। FATF बड़े स्तर पर बर्बादी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों की फंडिंग रोकने के लिए भी काम करता है। यह ऐसे देशों की जिम्मेदारी भी तय करता है जो मानकों का पालन नहीं करते हैं।


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पाकिस्‍तान के कराची शहर में भीषण विस्‍फोट, तीन की मौत, 15 लोग घायल

पाकिस्‍तान के कराची शहर में भीषण विस्‍फोट, तीन की मौत, 15 लोग घायल

कराची पाकिस्‍तानी की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर में हुए भीषण विस्‍फोट में कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई है और 15 अन्‍य लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। विस्‍फोट में इमारत का काफी हिस्‍सा ढह गया। यह विस्‍फोट कराची के गुलशन-ए-इकबाल इलाके में हुआ। सभी घायलों को पास के पटेल हॉस्पिटल ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि इस विस्‍फोट में बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक यह विस्‍फोट इमरात की दूसरी मंजिल पर हुआ। प्रत्‍यक्षदर्शियों का कहना है कि इस भीषण विस्‍फोट से आसपास की इमारतों के भी शीशे टूट गए हैं। अभी तक विस्‍फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है। स्‍थानीय पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि यह सिल‍िंडर में विस्‍फोट हुआ है। बम निरोधक दस्‍ता भी मौके पर पहुंच गया है और जांच जारी है। पूरे इलाके को घेर ल‍िया गया है और सिंध के मुख्‍यमंत्री मुराद अली ने कराची के कमिश्‍नर से रिपोर्ट मांगी है। उन्‍होंने सभी घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया। अभी एक पहले ही जिन्‍ना कॉलोनी में हुए विस्‍फोट में 5 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया कि यह आईईडी ब्‍लास्‍ट था।


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FATF बैठक: पाकिस्‍तान होगा ब्‍लैक लिस्‍ट या ग्रे लिस्‍ट में बना रहेगा, अब होगा फैसला

FATF बैठक: पाकिस्‍तान होगा ब्‍लैक लिस्‍ट या ग्रे लिस्‍ट में बना रहेगा, अब होगा फैसला

इस्‍लामाबाद फाइनेंशियल ऐक्शन टाक्स फोर्स (FATF) की तीन दिवसीय वर्चुअल बैठक आज से शुरू होने जा रही है जिसमें 'आंतकिस्‍तान' कहे जाने वाले पाकिस्‍तान के भविष्‍य पर फैसला होगा। पाकिस्‍तान FATF की ओर से दी गई 6 जिम्‍मेदारियों को पूरा करने में असफल रहा है। ऐसे में व‍िशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्‍तान का ग्रे लिस्‍ट में बने रहना तय है। हालांकि आतंकियों को पाल रहे पाकिस्‍तान पर ब्‍लैक लिस्‍ट होने का खतरा भी मंडरा रहा है। पाकिस्‍तान अब तक भारत के मोस्‍ट वांटेड आतंकी मौलाना मसूद अजहर और लश्‍कर-ए-तैयबा के संस्‍थापक हाफिज सईद के खिलाफ ऐक्‍शन लेने में असफल रहा है। यही नहीं उसने अचानक से 4000 लोगों के नाम अपने आधिकारिक आतंकी लिस्‍ट से हटा दिए। 21 से 23 अक्‍टूबर तक चलने वाली इस बैठक में एफएटीएफ समीक्षा करने के बाद पाकिस्‍तान के ग्रे लिस्‍ट में बने पर फैसला करेगी। आतंकियों के नाम गायब करने पर एफएटीएफ ने कड़ी आपत्ति जताई एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को 27 ऐक्‍शन प्‍लान दिए थे जिसमें से उसने अभी तक केवल 21 को ही पूरा किया है। इस ऐक्‍शन प्‍लान में जो महत्‍वपूर्ण विषय हैं, उस पर पाकिस्‍तान ने अभी तक कोई ऐक्‍शन नहीं लिया है। आतंकियों के नाम गायब करने पर एफएटीएफ ने कड़ी आपत्ति जताई है। इससे पहले अपने आका चीन की मदद से FATF की ग्रे लिस्‍ट बच निकलने के पाकिस्‍तानी सपने को बड़ा झटका लगा था। FATF की क्षेत्रीय इकाई एशिया पैसिफिक ग्रुप ने टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगा पाने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान को 'Enhanced Follow-Up' में बरकरार रखा था। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक एपीजी ने पाया कि टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को खत्‍म करने के लिए FATF की ओर से दिए तकनीकी सुझावों को लागू करने में पाकिस्‍तान ने बहुत कम प्रगति की है। एपीजी की ओर से पाकिस्‍तान के मूल्‍यांकन की पहली फॉलो अप रिपोर्ट को जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्‍तान ने FATF की ओर से की गई 40 सिफारिशों में से केवल दो पर प्रगति की है। रिपोर्ट के बाद अब पाकिस्‍तान का ग्रे लिस्‍ट में बना रहना निश्चित विशेषज्ञों का कहना है कि इस ताजा रिपोर्ट के बाद अब पाकिस्‍तान का ग्रे लिस्‍ट में बना रहना निश्चित हो गया है और उस पर ब्‍लैक लिस्‍ट होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे पहले कोरोना महासंकट के बीच पाकिस्‍तान ने खुद को FATF की ग्रे सूची से हटाए जाने के लिए बड़ा दांव चला था। पाकिस्‍तान ने पिछले 18 महीने में निगरानी सूची से हजारों आतंकवादियों के नाम को हटा दिया था। अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान की नैशनल काउंटर टेररिज्‍म अथार्टी इस लिस्‍ट को देखती है। इसका उद्देश्‍य ऐसे लोगों के साथ वित्‍तीय संस्‍थानों के बिजनस न करने में मदद करना है। इस लिस्‍ट में वर्ष 2018 में कुल 7600 नाम थे लेकिन पिछले 18 महीने में इसकी संख्‍या को घटाकर अब 3800 कर दिया गया है। यही नहीं इस साल मार्च महीने की शुरुआत से लेकर अब तक 1800 नामों को लिस्‍ट से हटाया गया है। एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को 27 बिंदुओं पर ऐक्‍शन लेने के लिए जून तक का वक्‍त दिया है। अगर पाकिस्‍तान 27 बिंदुओं को पूरा करने में असफल रहता है तो एफएटीएफ उसे काली सूची में डाल सकता है। जैश-लश्कर को करने दिया ऑपरेट अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की 'कंट्री रिपोर्ट्स ऑन टेररिज्म' में साल 2019 में पाकिस्तान की भूमिका पर खरी-खरी कही गई है। इसमें कहा गया है कि भारत को निशाना बना रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को पाकिस्तान ने अपनी जमीन से ऑपरेट करने दिया। पाकिस्तान ने जैश के संस्थापक और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए जा चुके मसूद अजहर और 2008 के मुंबई धमाकों के 'प्रॉजेक्ट मैनेजर' साजिद मीर जैसे किसी आतंकी के खिलाफ ऐक्शन नहीं लिया। ये दोनों कथित रूप से पाकिस्तान में आजाद घूम रहे हैं।


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नवाज शरीफ के दामाद की गिरफ्तारी पर पाकिस्‍तान में भूचाल, सेना के खिलाफ सिंध पुलिस का 'विद्रोह'

नवाज शरीफ के दामाद की गिरफ्तारी पर पाकिस्‍तान में भूचाल, सेना के खिलाफ सिंध पुलिस का 'विद्रोह'

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद कैप्टन सफदर की गिरफ्तारी से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस पूरे बवाल में पाकिस्‍तानी सेना केंद्र में है और इमरान खान सरकार का बचाव करना उसके लिए बड़ा भारी पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए कि सिंध प्रांत की पुलिस ने एक तरह से पाकिस्‍तानी सेना के बढ़ते हस्‍तक्षेप के खिलाफ 'विद्रोह' कर दिया। विपक्ष और मीडिया के चौतरफा दबाव के बाद पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को आनन-फानन में जांच के आदेश देने पड़े हैं। आइए विस्‍तार से जानते हैं क्‍या है पूरा विवाद.... पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत की राजधानी कराची में 11 विपक्षी दलों के महागठबंधन ‘पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ (PDM) का 18 अक्टूबर को विशाल जलसा हुआ। मरियम नवाज ने रैली में प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘कायर और कठपुतली’ करार दिया था तथा फौज के पीछे छिप जाने वाला बताया था। इससे पहले गुजरांवाला में हुई जनसभा में नवाज शरीफ ने भी सेना और इमरान खान पर जमकर हमला बोला था। मरियम नवाज ने पाकिस्‍तानी सेना, इमरान पर बोला हमला मरियम नवाज ने इमरान खान पर जमकर निशाना साधा और कहा कि इमरान खान अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्‍तानी सेना के पीछे छिप रहे हैं। इससे पाकिस्‍तानी सेना की छवि पर बट्टा लग रहा है। उन्‍होंने इमरान खान के बारे में कहा, 'जब आपसे जवाब मांगा जाता है तो आप सेना के पीछे छिप जाते हो। आप कायर हो। आपने सेना का नाम बदनाम कर दिया।' मरियम ने प्रधानमंत्री इमरान खान को चुनौती दी थी कि उन्हें गिरफ्तार कराके दिखाएं और वह जेल जाने से नहीं डरतीं। कराची के जलसे को संबोधित करने के बाद मरियम नवाज अपने पति के साथ होटल पहुंचीं। इस बीच रात को ही कराची पुलिस ने मरियम नवाज के पति कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर को अरेस्‍ट कर लिया। मरियम ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने कराची में होटल के उस कमरे का दरवाजा तोड़ दिया जिसमें मैं ठहरी हुयी थी और कैप्टन सफदर को गिरफ्तार कर लिया। उन पर पुलिस ने कथित रूप से कायद-ए-आजम की कब्र की पवित्रता की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया। हालांकि विपक्ष के चौतरफा दबाव और ठोस सबूत नहीं होने की वजह से पुलिस को उन्‍हें कुछ घंटे में रिहा भी करना पड़ा। सफदर की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल कैप्‍टन सफदर की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल आ गया। विपक्ष और मीडिया ने आरोप लगाया कि पाकिस्‍तानी सेना के अधिकारियों ने 18 अक्‍टूबर की रात को सिंध के आईजीपी मुश्‍ताक महार का अपहरण कर लिया और उनसे जबरन सफदर के खिलाफ एफआईआर पर हस्‍ताक्षर कराया। विपक्ष के आरोपों को उस समय दम मिला जब के आईजीपी मुश्‍ताक महार अपने अपहरण से दुखी होकर छुट्टी पर चले गए। आईजीपी मुश्‍ताक के छुट्टी पर जाने के बाद सिंध के 70 से ज्‍यादा शीर्ष पुलिस अधिकारी छुट्टी पर चले गए। सिंध पुलिस के आला अधिकारियों के छुट्टी पर जाने के बाद विपक्ष ने पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा पर सीधे-सीधे हल्‍ला बोल दिया। नवाज शरीफ ने ट्वीट करके कहा, 'कराची की घटना से इस विचार को बल मिलता है कि राज्‍य से ऊपर राज्‍य (पाकिस्‍तान में) है। आपने प्रांतीय सरकार को मिले जनमत का मजाक उड़ाया, परिवार की निजता को तार-तार कर दिया, अपने आदेश को मनवाने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारी का अपहरण कर लिया। हमारी सेना की छवि खराब कर दी। आईजीपी का पत्र इस बात की तस्‍दीक करता है कि आपने संविधान को ताक पर रख दिया।' बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख से बात की इसी बीच विपक्षी नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद से बात की। उन्होंने बिलावल ने आरोप लगाया था कि जिस कराची से नवाज के दामाद को गिफ्तार किया गया वह सिंध प्रांत में आता है और इस प्रांत में हमारी पार्टी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसियों ने इसकी जानकारी राज्य सरकार को नहीं दी थी। इसलिए यह एक साजिशन गिरफ्तारी का मामला है। बिलावल भुट्टो ने बाजवा को इशारों ही इशारों में चेतावनी दी कि इस तरह से सफदर की गिरफ्तारी गलत थी और इससे सेना की विश्वसनीयता को खतरा पैदा हो सकता है। उनकी गिरफ्तारी की जानकारी सिंध पुलिस के प्रमुख तक को नहीं थी। बिलावल ने सेना प्रमुख बाजवा और जनरल फैज हामिद से जांच की मांग की। विपक्ष और मीडिया के जोरदार हमले से डरे पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने आनन-फानन में इस मामले की जांच के आदेश दे दिए। पूरे मामले को लेकर जनरल बाजवा की देशभर में थू-थू पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बयान जारी कर कहा है कि कराची कॉप्स कमांडर को परिस्थितियों का तुरंत पता लगाने और जल्द से जल्द वापस रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। सेना के इस कदम के बाद आईजीपी मुश्‍ताक ने अपनी छुट्टी को रद्द कर दिया है। उधर, इस पूरे मामले को लेकर जनरल बाजवा की देशभर में थू-थू हो रही है। विपक्ष सेना से राजनीति से दूर रहने के लिए कह रहा है।


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कश्‍मीर: तालिबान संग मिलकर पाक‍िस्‍तानी आर्मी चीफ ने रची खतरनाक साजिश, लश्‍कर, जैश, हिज्‍बुल को कमान

कश्‍मीर: तालिबान संग मिलकर पाक‍िस्‍तानी आर्मी चीफ ने रची खतरनाक साजिश, लश्‍कर, जैश, हिज्‍बुल को कमान

इस्‍लामाबाद जम्‍मू-कश्‍मीर में भारतीय सेना के जोरदार 'सफाई अभियान' से बौखलाए पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कश्‍मीर में आतंकी गतिविधियों को तेज करने के लिए नया खतरनाक प्‍लान तैयार किया है। इस संबंध में बाजवा ने जम्‍मू-कश्‍मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्‍मद, लश्‍कर-ए-तैयबा, हिज्‍बुल मुजाहिद्दीन और तालिबान के शीर्ष कमांडरों के साथ गुप्‍त बैठकें भी की हैं। हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक जैश-ए-मोहम्‍मद का कमांडर मुफ्ती मोहम्‍मद असगर खान कश्‍मीरी भी इस बैठक में मौजूद था जो जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकी गतिविधियों का समन्‍वय कर रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्‍तानी सेना के जनरलों ने सभी आतंकी संगठनों के बीच बैठक कराई है ताकि उनके बीच एकजुटता बन सके। इस एकजुटता का मकसद पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से भारतीय सेना पर हमले तेज करना है। दरअसल, भारत के आर्टिकल 370 के खत्‍म करने और जम्‍मू-कश्‍मीर को संघशासित प्रदेश का दर्जा देने के बाद पाकिस्‍तानी सेना बौखलाई हुई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों की ओर से तैयार किए गए डोजियर में कहा गया है कि जैश, लश्‍कर, तालिबान और हिज्‍बुल के कमांडरों के साथ कई बैठकें हुई हैं। इस संबंध में पहली बैठक 27 दिसंबर को हुई थी। इसमें लश्‍कर के संस्‍थापक संगठन जमात उद दावा के महासचिव आमिर हमला ने जैश के कमांडरों के साथ बहालपुर में बैठक की थी ताकि दोनों मिलकर एक साथ भारत के खिलाफ अभियान तेज कर सके। इसके बाद 3 से 8 जनवरी और 19 जनवरी को इस्‍लामाबाद में पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई के अधिकारियों के साथ बैठकें हुईं। इन बैठकों में वैश्विक स्‍तर पर आतंकी संगठन घोषित किए गए समूहों के कमांडर भी शामिल हुए। इसमें जैश का अघोषित प्रमुख मुफ्ती रऊफ असगर, जैश चीफ मसूद अजहर का भाई मौलाना अम्‍मार, लश्‍कर का कमांडर जकिउर रहमान लखवी और आमित हमजा शामिल हुए थे। इस बैठक में एकजुटता बनने के बाद मुफ्ती असगर ने लश्‍कर के कमांडरों से मुलाकात की ताकि कश्‍मीर में उनके नापाक मंसूबों को अंजाम दिया जा सके। इन आतंकी संगठनों में हथियारों को आपस में साझा करने और छिपे हुए समर्थकों की मदद करने पर सहमति बनी। इन गुटों में सहमति बनी है कि अब हिज्‍बुल कश्‍मीर में सभी हमलों की जिम्‍मेदारी लेगा। जैश के कमांडर तालिबान के साथ संपर्क में हैं ताकि काबुल में आतंकियों की सरकार बनने के बाद उसके आतंकवादियों को कश्‍मीर में भेजा जा सके।


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कौन है पीएम नरेंद्र मोदी का दोस्त? पाक‍िस्‍तान में इमरान खान और मरियम नवाज शरीफ गुत्थम-गुत्था

कौन है पीएम नरेंद्र मोदी का दोस्त? पाक‍िस्‍तान में इमरान खान और मरियम नवाज शरीफ गुत्थम-गुत्था

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान की राजनीति में आए नए सियासी तूफान के केंद्र में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ गए हैं। पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान नियाजी और विपक्षी पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग नवाज गुट की नेता मरियम नवाज शरीफ दोनों एक-दूसरे को पीएम मोदी का 'दोस्‍त' बताकर तीखे हमले कर रहे हैं। दोनों नेता पीएम मोदी के नाम पर खुद को 'देशभक्‍त' साबित करने में जुट गए हैं। इमरान और मरियम के बीच यह वार-पलटवार ऐसे समय पर हो रहा है कि जब विपक्ष दलों ने गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) ने इमरान और पाकिस्‍तानी सेना के रातों की नींद गायब कर दी है। इमरान खान के नवाज शरीफ को पीएम मोदी का दोस्‍त बताए जाने के बाद अब पीएमएल एन नेता की बेटी मरियम नवाज ने करारा पलटवार किया है। उन्‍होंने कराची के जलसे में कहा, 'हम जब जवाब मांगते हैं तो इमरान कहते हैं कि नवाज शरीफ मोदी की जुबान बोलता है। मोदी की कामयाबी दुआएं मांगों तुम, मोदी से बात करने के लिए मरे जाओ तुम, कुलभूषण जाधव के लिए रातों-रात अध्‍यादेश पारित करो तुम, उसके लिए सरकारी खर्चे से वकील ढूढ़ों तुम, कश्‍मीर को प्‍लेट में रखकर पेश करो तुम, कश्‍मीर का मुकदमा हार जाओ तुम, भारत को यूएन में वोट दो तुम और मोदी की जुबान हम बोल रहे हैं?।' मोदी ने भी की थीं ऐसी बातें: इमरान इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के देश के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा पर जमकर बरसने से इमरान खान बुरी तरह से बौखला गए हैं। उन्होंने नवाज पर देश की सेना की छवि खराब करने का आरोप लगा डाला है। यही नहीं, इमरान ने यहां तक कह दिया है कि नवाज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाषा बोल रहे हैं। इमरान ने शरीफ की रैली को 'सर्कस' करार दिया। इमरान ने कहा कि नवाज ने पाकिस्तान की सेना पर हमला किया है। उन्होंने कहा, 'नवाज ने जो पाकिस्तान की सेना के बारे में बाहर से बैठकर कहा है, वह जनरल बाजवा पर हमला नहीं है, पाकिस्तान की सेना पर है। यही बात नरेंद्र मोदी ने कही थी। नरेंद्र मोदी ने कई बार कहा कि हमें नवाज शरीफ पसंद हैं, पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आतंकवादी हैं। उन्होंने कई बार कहा और नवाज शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।' PM मोदी पर इमरान का हमला खान कहा, 'मोदी यह क्यों नहीं कहते हैं कि इमरान सही हैं लेकिन जनरल बाजवा गलत? क्योंकि उन्हें पता है कि मैंने उनका (मोदी का) असली चेहरा दुनिया को दिखा दिया है, वह कितने कट्टरवादी हैं।' इमरान ने कहा कि भारतीय अखबारों में नवाज की तारीफ हो रही है। वे कहते हैं कि शरीफ बहुत लोकतांत्रिक हैं और वह सेना से अपना काम करने के लिए कह रहे हैं।


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इमरान खान अयोग्य और अज्ञानी हैं, उन्होंने पाकिस्तान के लोगों को धोखा दिया : पीडीएम

इमरान खान अयोग्य और अज्ञानी हैं, उन्होंने पाकिस्तान के लोगों को धोखा दिया : पीडीएम

कराची, 19 अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के नेताओं ने यहां एक रैली में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ‘‘अयोग्य और अज्ञानी’ हैं और उनकी सरकार तानाशाही शासन से भी बेकार है। पीडीएम 11 विपक्षी दलों का गठबंधन है। उसने यहां अपनी दूसरी रैली में यह कहा। विपक्षी दलों ने 20 सितम्बर को पीडीएम का गठन किया था और तीन चरण में सरकार विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की थी। इसके तहत इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए देश भर में जन सभाएं, प्रदर्शन और रैलियां की जाएंगी और जनवरी 2021 में इस्लामाबाद के लिए लंबा मार्च निकाला जाएगा। लाहौर के पास गुजरांवाला में शुक्रवार को पहली रैली निकाली गई थी। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने बाग़-ए-जिन्ना में कहा, ‘‘ अयोग्य और अज्ञानी प्रधानमंत्री को अब घर जाना होगा। ’’ जरदारी ने कहा, ‘‘ इतिहास गवाह है कि बड़े से बड़े तानाशाह नहीं टिक पाए ‘‘ तो यह कठपुतली कैसे टिक पाएगी?’’ उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा , ‘‘ यह कोई नई लड़ाई नहीं है लेकिन यह एक निर्णायक लड़ाई होगी।’’ कारसाज दोहरे बम विस्फोट के 13 साल पूरे होने के दिन यह मार्च निकाला गया। 2007 में हुए इन बम धमाकों में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को निशाना बनाया गया था, जिसमें करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ और शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी, पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी के अध्यक्ष महमूद अचकजाई और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फ़ज़ल (जेयूआई-एफ) के नेता मौलाना फ़ज़लुर रहमान भी इस रैली में शामिल हुए। पीपीपी ने मोहसिन डावर को भी आमंत्रित किया था, जो पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के प्रमुख हैं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने ‘पीटीआई’ सरकार पर विपक्षी नेताओं को ‘‘गद्दार’’ बताने के लिए निशाना साधा। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने कहा, ‘‘ जब जवाब मांगे गए, तो आप कह रहे हैं हम गद्दार हैं।’’ मरियम नवाज ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की बहन फातिमा जिन्ना को भी गद्दार कहा गया। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें गद्दार कहकर डराए नहीं, जब आपसे (खान) सवाल किए गए तो आप सेना के पीछे छिप गए।’’ मरियम ने कहा, ‘‘ आप उनका (सेना) इस्तेमाल अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कर रहे हैं।’’ पीडीएम की अगली रैली 25 अक्टूबर को क्वेटा में है।


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पाकिस्‍तान: विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन से भड़के इमरान खान, मरियम नवाज के पति अरेस्‍ट

पाकिस्‍तान: विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन से भड़के इमरान खान, मरियम नवाज के पति अरेस्‍ट

कराची पाकिस्‍तान में विपक्ष दलों की जोरदार रैलियों से घबराए प्रधानमंत्री इमरान खान ने विपक्षी दल पीएमएल एन के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद सफदर अवन को अरेस्‍ट कर लिया है। अवन को पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की कराची रैली के बाद अरेस्‍ट किया गया। सफदर अवन नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज के पति हैं। दोनों लोग कराची के एक होटल में ठहरे हुए थे जहां से जहां से दरवाजे को तोड़कर सफदर को अरेस्‍ट किया गया। इससे पहले कराची के जलसे में मरियम नवाज ने इमरान खान पर जमकर निशाना साधा और कहा कि इमरान खान अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्‍तानी सेना के पीछे छिप रहे हैं। इससे पाकिस्‍तानी सेना की छवि पर बट्टा लग रहा है। उन्‍होंने इमरान खान के बारे में कहा, 'जब आपसे जवाब मांगा जाता है तो आप सेना के पीछे छिप जाते हो। आप कायर हो। आपने सेना का नाम बदनाम कर दिया।' 'अपनी गल्तियों को छिपाने के लिए सेना का इस्‍तेमाल' कराची में लाखों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए मरियम नवाज ने कहा, 'आपने (इमरान खान) अपनी गल्तियों को छिपाने के लिए सेना का इस्‍तेमाल किया। आपको इसका अधिकार किसने दे दिया?' उन्‍होंने इमरान से सवाल किया कि क्‍या सेना केवल प्रधानमंत्री की या उनकी पार्टी पीटीआई की अकेले है? इस जलसे को विपक्ष के 11 दलों ने मिलकर बुलाया था। बता दें कि पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के नाम से 11 विपक्षी राजनीतिक दलों के सरकार-विरोधी गठबंधन द्वारा अभियान शुरू किए जाने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के अजेंडे के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया था। उन्होंने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री सेना, न्यायपालिका और सरकार में फूट डालना चाहते हैं।’ नवाज अपना दुम दबाकर लंदन भाग गए: इमरान पीडीएम की गुजरांवाला में शुक्रवार को आयोजित पहली रैली के मद्देनजर आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए खान ने पूर्व प्रधानमंत्री पर वित्तीय भ्रष्टाचार के लिए जवाबदेही से बचने के प्रयास में दुश्मन के अजेंडे पर चलने का आरोप लगाया। साफ तौर पर गुस्से में नजर आए खान ने शरीफ को गीदड़ की उपाधि देते हुए उनका मजाक उड़ाया और कहा कि वह अपना दुम दबाकर लंदन भाग गए।


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पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ने इमरान खान की ‘‘कठपुतली सरकार’’ बनवाई: शरीफ

पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ने इमरान खान की ‘‘कठपुतली सरकार’’ बनवाई: शरीफ

लाहौर ,17 अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई पर उन्हें अपदस्थ करने और इमरान खान को सत्ता में ला कर अपनी ‘‘कठपुतली सरकार’’ बनवाने का आरोप लगाया। शरीफ लाहौर से लगभग 80 किमी दूर गुजरांवाला में 11 विपक्षी दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार देर रात लंदन से वीडियो लिंक के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। विपक्षी दलों ने 20 सितंबर को पीडीएम के गठन और तीन चरण में सरकार विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की थी। इसके तहत इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीके इंसाफ सरकार को सत्ता से हटाने के लिए देश भर में जन सभाएं, प्रदर्शन और रैलियां की जाएंगी। जनवरी 2021 में इस्लामाबाद के लिए लंबा मार्च निकाला जाएगा। सैन्य नेतृत्व पर निशाना साधते हुए, शरीफ ने कहा, ‘‘(सेना प्रमुख) जनरल कमर जावेद बाजवा ने मेरी सरकार को खत्म कर दिया। उन्होंने 2018 के चुनावों में धांधली की और नाकाबिल इमरान खान को देश पर थोप दिया। जनरल बाजवा प्रत्यक्ष अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए जवाब देना होगा। उन्होंने उनकी सरकार गिराने के पीछे इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का हाथ होने का भी आरोप लगाया और कहा कि पूरा प्रकरण आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की मदद से हुआ।


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इमरान, सेना, आईएसआई... विपक्ष की पहली रैली में जमकर बरसे नवाज शरीफ

इमरान, सेना, आईएसआई... विपक्ष की पहली रैली में जमकर बरसे नवाज शरीफ

इस्लामाबाद के गुजरांवाला में संयुक्त विपक्ष की पहली रैली में पूर्व प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी सेना और पर जमकर निशाना साधा। नवाज शरीफ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने उन्हें जबरदस्ती सत्ता से बेदखल कर इमरान खान को ताज सौंपा था। नवाज ने सीधे-सीधे पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा और खुफिया एजेंसी आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद का नाम लिया। पाकिस्तानी आर्मी चीफ का नाम लेकर हमला लंदन से वीडियो लिंक के जरिए गुजरांवाला में पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के पहले शक्ति प्रदर्शन में नवाज शरीफ ने सीधे तौर पर जनरल बाजवा का नाम लेते हुए पूछा कि किसने स्टेट के ऊपर एक अलग स्टेट बनाया? पाकिस्तान में दो सरकारों के लिए जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा कि यह सब पाकिस्तानी सेना के जनरल बाजवा कर रहे हैं। नवाज शरीफ बोलता रहेगा... उन्होंने पाकिस्तानी सरकार और सेना को चुनौती देते हुए कहा कि अगर आप चाहें तो मुझे देशद्रोही करार दे सकते हैं, मेरी संपत्ति जब्त कर सकते हैं, मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर सकते हैं, लेकिन नवाज शरीफ अपने लोगों के लिए बोलता रहेगा। उन्होंने आईएसआई चीफ फैज हामिद का नाम लेते हुए कहा कि इन सबके पीछे उनका भी हाथ है। तानाशाह भाग गया पर जननेता परेशान नवाज शरीफ ने इमरान खान सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ की सरकार काम करने में विफल साबित हुई है। पाकिस्तान के लोग सरकार की अक्षमता का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अदालत द्वारा सजा दिए जाने के बावजूद एक तानाशाह क्यों भाग गया, जबकि एक जन नेता को दोषी साबित किया जा रहा है। क्यों कार्यकाल पूरा नहीं करने देती सेना? नवाज शरीफ ने पाकिस्तानी सेना से सवाल पूछा कि निर्वाचित प्रधानमंत्रियों को अपने पांच साल के कार्यकाल को पूरा करने की अनुमति क्यों नहीं दी जाती है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में हमने विकास के बहुत काम करवाए थे, प्रगति भी की थी, लेकिन इस सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। बता दें नवाज शरीफ तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन चुके हैं लेकिन तीनों बार वे अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके हैं। नवाज का सवाल-देशद्रोही कौन? उन्होंने खुद को देशद्रोही घोषित किए जाने पर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि सैन्य तानाशाहों ने देश के जन नेताओं के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि मुझे इसलिए हटाया गया क्योंकि मैं देश के कानून और संविधान की बातें करता था। उन्होंने सवाल पूछा कि देशभक्त कौन हैं? संविधान को नष्ट करने वाले, जिन्होंने देश को दो हिस्सों में तोड़ दिया। सरकारी एजेंसियों पर साधा निशाना उन्होंने सीपीईसी के पूर्व चेयरमैन असीम सलीम बाजवा पर भी निशाना साधा। नवाज ने कहा कि भले ही उन्होंने चेयरमैन और प्रधानमंत्री के सूचना सहायक के पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वे अभी तक आय से अधिक संपत्ति के किसी जांच का सामना क्यों नहीं कर रहे? नवाज ने कहा कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) को दावों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएबी सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।


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