सरकार ने खरीफ सीजन की फसलों का MSP बढ़ाया

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने धान का मिनिमम सपॉर्ट प्राइस 2019-20 के फसल वर्ष के लिए 65 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,815 रुपये कर दिया। तिलहन, दालों और अन्य अनाज के एमएसपी में भी बढ़ोतरी की गई। यह निर्णय पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किया गया। इस साल के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी बढ़ाने की घोषणा के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'मॉनसून में कुछ देर हुई है। यह हम सबके लिए चिंता की बात है। बारिश में कमी से निपटने के लिए केंद्र सभी राज्य सरकारों के संपर्क में है। हालांकि मौसम विभाग के ताजा अनुमानों में मॉनसून सामान्य रहने की बात की गई है।' तोमर ने कहा कि केंद्र ने 2019-20 के लिए खरीफ फसलों का एमएसपी उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी रखने के सिद्धांत के आधार पर बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने धान की आम और ए, दोनों तरह की वेरायटी के लिए एमएसपी पिछले साल के मुकाबले 65 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। कॉमन ग्रेड धान का एमएसपी अब 1,815 रुपये जबकि ए ग्रेड धान का 1,835 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। मंत्री ने कहा कि एक क्विंटल धान की उत्पादन लागत 1,205 रुपये है। सरकार ने रागी का एमएसपी 253 रुपये बढ़ाकर 3,150 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। इसी तरह ज्वार का एमएसपी 120 रुपये बढ़ाकर 2,550 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। मक्के का एमएसपी 60 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,760 रुपये और बाजरे का 50 रुपये बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। तोमर ने कहा कि दलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए अरहर का एमएसपी 125 रुपये बढ़ाकर 5,800 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का 100 रुपये बढ़ाकर 5,700 रुपये और मूंग का 75 रुपये बढ़ाकर 7,050 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। खाद्य तेल का आयात घटाने के इरादे से सोयाबीन (पीली) का एमएसपी 311 रुपये बढ़ाकर 3,710 रुपये प्रति क्विंटल जबकि सूरजमुखी बीज का एमएसपी 262 रुपये बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। मूंगफली का एमएसपी 200 रुपये बढ़ाकर 5,090 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। वहीं कपास का एमएसपी 100-105 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया। मीडियम स्टेपल कॉटन का एमएसपी अब 5,255 रुपये और लॉन्ग स्टेपल कॉटन का 5,550 रुपये प्रति क्विंटल है। वेज कोड बिल को मंजूरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वेज बिल कोड को भी मंजूरी दी। यह कामगारों के वेतन-भत्तों से जुड़े मौजूदा कानूनों की जगह लेगा और केंद्र को यह अधिकार देगा कि वह कुछ सेक्टरों के लिए पूरे देश में कामगारों का मिनिमम वेज तय करे। यह कोड उन चार कोड में से एक है, जो कुछ बदलावों के साथ 44 श्रम कानूनों की जगह लेगा। इसका मकसद देश में कारोबार करना आसान बनाना और ग्रोथ बढ़ाने के लिए निवेश आकर्षित करना बताया गया है। ये चार कोड वेतन-भत्ते, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा एवं कल्याण और औद्योगिक संबंध से जुड़े हैं। कैबिनेट ने समुद्री मार्ग से भारत और मालदीव के बीच पैसेंजर और कार्गो सर्विस शुरू करने के समझौते को भी मंजूरी दी। इस समझौते पर दोनों देशों ने 8 जून को पीएम नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान दस्तखत किए थे।


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