मुंबई भारतीय उद्योग के ग्रैंड ओल्ड मैन बसंत कुमार बिड़ला यानी का उनके मुंबई स्थित आवास पर निधन हो गया। वह 98 साल के थे और अपने पीछे पोते कुमार मंगलम बिड़ला(आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष), बेटियां मंजूश्री खेतान, जयश्री मोहता और भतीजे, भतीजी, पोते और परपोतों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए। साथियों के बीच 'बीके बाबू' या 'बसंत बाबू' के नाम से मशहूर बीके बिड़ला को लोग अमीरी का पर्याय समझते थे। राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने जताया दुख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा सहित कई दिग्गजों ने उनके निधन पर दुख जताया है। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया, 'महान उद्योगपति बीके बिड़ला के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। वह एक ऐसे दिग्गज थे जिन्होंने भारत में व्यापार, शिक्षा और कई सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके परिवार और अनगिनत सहयोगियों और असोसिएट्स के प्रति मेरी संवेदना।' पीएम मोदी ने भी अपने साथ उनकी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'श्री बसंत कुमार बिड़ला एक प्रतिष्ठित उद्योगपति थे, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की समृद्धि में योगदान दिया। उन्होंने एक असाधारण परोपकारी व्यक्ति के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। शिक्षा के प्रति उनकी दीवानगी जगजाहिर थी। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं।' इन उद्योगों में गाड़े सफलता के झंडे बिड़ला सेंचुरी टेक्सटाइल्स ऐंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन थे और 15 वर्ष की आयु से कारोबार में सक्रिय थे। उन्होंने अपने काम की शुरुआत केसोराम इंडस्ट्रीज के चेयरमैन के रूप में की थी। उन्होंने जिन उद्योगों में सफलता की ऊंचाइयों को छुआ उनमें कपास , विस्कोस , पॉलिस्टर और नायलॉन धागा , कागज , शिपिंग , पारदर्शी कागज , सीमेंट , चाय , कॉफी , इलायची , रसायन , प्लाईवुड जैसे क्षेत्र शामिल थे। कुमार मंगलम बिड़ला के पिता आदित्य विक्रम बिड़ला बीके बिड़ला के एकलौते बेटे थे। उनका निधन 1995 में हो गया था।
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