नई दिल्ली देशभर में एक बार फिर आसमान छू रही है। हालत यह है कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में टमाटर की कीमत 60 से 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इसी बीच ने टमाटर की कीमतों पर अंकुश लगाने और आम लोगों तक इसकी पहुंच बनाने के लिए तत्काल कदम उठाया है। सरकार ने सरकारी कंपनी मदर डेयरी से टमाटर को 40 रुपये किलो बेचने के लिए कहा है। सवाल यह उठता है कि टमाटर की कीमतों में अचानक इतना उछाल आया कैसे। आइए इस पर नजर डालते हैं। पढ़ें : आपूर्तिकर्ता राज्यों की हालत खराब दिल्ली की ही तरह महाराष्ट्र में भी टमाटर की कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट के मुताबिक, सूखे की स्थिति की वजह से किसान टमाटर की फसल नहीं लगा पाए, जिसकी वजह से अब सप्लाई में दिक्कतें आ रहीं हैं। महाराष्ट्र में टमाटर की सप्लाई अब गुजरात और कर्नाटक से हो रही है। वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार भी टमाटर की भारी कमी से जूझ रहे हैं। पिछले कई दिनों से लगातार हुई भारी बारिश के कारण इन राज्यों में टमाटर की फसलें प्रभावित हुई हैं। ये राज्य दिल्ली के मार्केट में टमाटर की सप्लाई करते हैं और इस वजह से दिल्ली-एनसीआर में भी टमाटर की कीमतें आसमान छूती दिख रही हैं। अगले एक महीने नहीं घटेगी कीमत महाराष्ट्र के नारायणगांव में करीब 18,000 एकड़ में टमाटर की खेती होती है, जिससे एक दिन में करीब 1,400 टन टमाटर की पैदावार होती है। यहां प्रति हेक्टेयर 12 से 15 टन टमाटर की खेती होती थी, वहीं अब यह पैदावार 7 से 8 टन प्रति हेक्टेयर ही रह गई है। वहीं दूसरी ओर पिंपलगांव में 40,000 हेक्टेयर और नासिक में 1.25 लाख हेक्टेयर की जमीन पर होने वाली खेती भी काफी प्रभावित हुई है। इस वजह से टमाटर के दामों में खासा इजाफा हुआ है। बीते 15 से 20 दिनों से टमाटर की कीमतों में इजाफा हो रहा है। हालांकि, इसकी उम्मीद पहले से ही थी, क्योंकि राज्य में टमाटर के फसल की बुवाई में 25% की गिरावट आई है। महाराष्ट्र में टमाटर के सबसे बड़े थोक बाजारों में एक वाशी के कारोबारियों का कहना है कि हाल में महाराष्ट्र में भारी बारिश हुई, जिसके कारण फसल की फ्लावरिंग पर असर पड़ा है, जिस वजह से अगले एक महीने से अधिक समय तक टमाटर की कीमतों में तेजी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
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