ऑनलाइन डिस्काउंट 50% तक कम हुआ, फिर भी बिक्री 80% बढ़ी

ऋतांकर मुखर्जी और रत्ना भूषण, कोलकाता/नई दिल्ली ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म पर दिए जाने वाली औसत छूट में कमी आने के बावजूद इनकी बिक्री बढ़ रही है। साथ ही, ऑफलाइन यानी दुकानों पर सामान बेचने वालों को भी अब ऑनलाइन डिस्काउंट की चिंता नहीं सता रही है। उनका मानना है कि ऑनलाइन मार्केट अब कीमतों पर संतुलित रुख अपना रहा है। इस बार आधा रखा गया था डिस्काउंट फरवरी में ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए फॉरेन इन्वेस्टमेंट के नियम सख्त होने के बाद इस हफ्ते पहली बार बड़ी लगी थी। इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि ऐमजॉन की प्राइम-डे सेल और फ्लिपकार्ट के बिग शॉपिंग डेज में दी गई औसत छूट 5-10 पर्सेंट थी। यह पिछले साल की 10-20 पर्सेंट औसत छूट की आधी थी। इंडस्ट्री के तीन एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि इसके बावजूद बिक्री पिछले साल के मुकाबले 80 पर्सेंट बढ़ी है। सेल में हुई बिक्री रोजाना के बिजनस के मुकाबले 2-5 गुना ज्यादा थी। सबसे ज्यादा बिक्री स्मार्टफोन, कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और एफएमसीजी सेगमेंट में हुई। डिस्काउंट घटा, फिर भी सस्ती ऑनलाइन शॉपिंग! क्सपर्ट्स के मुताबिक, डिस्काउंट घटने के बाद भी बिक्री बढ़ रही है क्योंकि लोगों का मानना है कि ऑनलाइन शॉपिंग सस्ती है। 4जी के विस्तार से भी ई-कॉमर्स कंपनियों को नए खरीदार मिल रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि खरीदारों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग आदत बन गई है। इसलिए किसी भी तरह के डिस्काउंट देने पर बिक्री बढ़ती है। रियलमी के सीईओ माधव सेठ ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष मोबाइल फोन पर कम छूट दी गई है, लेकिन इसके बावजूद बिक्री ज्यादा रही। उन्होंने बताया कि 4जी की पहुंच और ऑनलाइन सस्ते सामान की धारणा से ऐसा हुआ है। एक बार में भारी डिस्काउंट का ट्रेंड खत्म पैनासोनिक इंडिया के प्रेजिडेंट मनीष शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन दी जाने वाली छूट को अब सालभर में बराबर बांट दिया जाता है। पहले की तरह एक बार में ही भारी डिस्काउंट नहीं दिए जाते। शर्मा कहा, 'आइडिया यह है कि सेल वाले दिनों में डिस्काउंट के कारण लोग खरीदारी करें। हालांकि अब पहले जितनी बड़ी छूट नहीं होती।' ई-रिटेलर बचा रहे पैसे एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐमजॉन अमेरिका और वॉलमार्ट भारत में डिस्काउंट पर पहले जितना खर्च नहीं कर रही हैं। नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एक बड़ी मोबाइल फोन और कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर के सीईओ ने बताया, 'पहले जिस हिसाब से दोनों मार्केटप्लेस सेलर और डीलरों को इंसेंटिव देकर डिस्काउंट लाती थीं, उसमें कमी आई है। एक दिन ऐसा होना ही था। आखिर कभी न कभी तो मुनाफे पर ध्यान देना ही था।' ऑफलाइन-ऑफलाइन ट्रेड में बैलेंस कंपनियां ऑनलाइन मार्केटप्लेस से समझौता भी कर रही हैं कि कीमत बहुत ज्यादा न घटाई जाए। इस कारण ऑफलाइन ट्रेड से संतुलन बना हुआ है। स्टोर से सामान बेचने वाले रिटेलर्स ने बताया कि वे प्रमोशनल इवेंट और रिबेट की तुलना ऑनलाइन-सेल के दिनों से नहीं करते। स्पेंसर रिटेल के सीईओ देवेंद्र चावला ने बताया, 'हम खरीदारों से अपनी वैल्यू प्रपोजिशन और शॉपर बिहेवियर से जुड़ते हैं। हम अपने इवेंट और प्रमोशन करते हैं, जो दूसरों (के प्रमोशन या इवेंट की तारीख) से टकरा भी सकता है और नहीं भी। हम सिर्फ खरीदारों के अनुभव को ध्यान में रखते हैं।' सख्त नियमों ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस को बनाया ज्यादा संतुलित देश की एक बड़ी रिटेल चेन के चीफ का कहना है कि कड़े नियमों और प्रॉफिट कमाने की कोशिश में ऑनलाइन मार्केटप्लेस अब 'ज्यादा संतुलित' हो गए हैं। उन्होंने बताया, 'हमारी सेल्स पर अब डिस्काउंट का बिल्कुल असर नहीं पड़ता। हमें उम्मीद है कि ऐसा आगे भी बरकरार रहेगा।' एमेजॉन इंडिया के प्रवक्ता ने ई-मेल से दिए जवाब में बताया कि प्राइम डे 2019 की अच्छी शुरुआत हुई थी।


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