मार्केट को रीपो रेट में 0.50% कटौती होने की उम्मीद

आशुतोष आर. श्याम, नई दिल्ली 10 साल के पर यील्ड 20 महीने के निचले स्तर पर जाने के साथ इंडियन बॉन्ड मार्केट का परफॉर्मेंस जीडीपी के लिहाज से बड़े देशों के बीच सबसे अच्छा हो गया है। पिछले एक महीने में इंडिया के 10 साल के बॉन्ड पर यील्ड 56 बेसिस पॉइंट्स घटकर 6.33% पर आ गई है। यह पिछले ढाई वर्षों का इसका सबसे निचला स्तर है। अप्रैल में यह 7.47 प्रतिशत के अपने पीक पर थी और वहां से इसमें 130 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आ चुकी है। ब्राजील, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया जैसे दूसरे इमर्जिंग मार्केट्स के 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड्स पर यील्ड इस एक महीने में 54-90 बेसिस पॉइंट्स घटी है। इंडिया में में आई गिरावट से इस बात की संभावना बढ़ी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) निकट भविष्य में ब्याज दरों में कमी कर सकता है। 10 साल के बॉन्ड और के के बीच का अंतर यानी टर्म प्रीमियम 58 बेसिस पॉइंट्स पर है, जबकि इसका लॉन्ग टर्म स्प्रेड 70 बेसिस पॉइंट्स का है। मौजूदा अंतर से संकेत मिल रहा है कि मार्केट को रीपो रेट इसके वर्तमान स्तर 5.75 प्रतिशत से 50 बेसिस पॉइंट्स नीचे जाने की उम्मीद है। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने इमर्जिंग मार्केट्स के डेट प्रॉडक्ट्स के लिए एलोकेशन बढ़ा दिया है, क्योंकि कई डिवेलप्ड मार्केट्स के सेंट्रल बैंकों का रुख नरम हो गया है और करीब 13 लाख करोड़ डॉलर के डेट प्रॉडक्ट्स नेगेटिव यील्ड के साथ ट्रेड कर रहे हैं। एफपीआई ने 2019 की शुरुआत से लगभग 2.9 अरब डॉलर इंडियन डेट प्रॉडक्ट्स में लगाए हैं। एनएसडीएल के डेटा के अनुसार, इसमें से करीब 1.6 अरब डॉलर अकेले जून में लगाए गए थे।


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