क्यों सेविंग अकाउंट खोलते समय आपको सिर्फ ब्याज दरों को नहीं देखना चाहिए?

सेविंग अकाउंट बैंकिंग सेवाओं सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली सेवाओं से एक है, जिसमें कोई भी अपनी सेविंग जमा कर सकता है। बहुत पुरानी बात नहीं है जब बैंकों में अकाउंट खोलने के लिए एक नए ग्राहकों को परियचकर्ता की जरूरत होती है और इसके लिए पहले से मौजूद किसी खाताधारक से खुद को इंट्रोड्यूस कराना पड़ता था। ऐसे में ग्राहकों के पास कमर्शल बैंकों के मामले में सीमित विकल्प ही मौजूद होते थे। हालांकि आज भावी खाताधारक अलग-अलग बैंकों की सेवाओं को जांचने और उनमें से किसी ऐसे बैंक का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं जो उनकी बैंकिंग संबंधी जरूरतों को सबसे बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है। वे इंस्टेंट ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर सकते हैं या फिर पारंपरिक तरीके से रजिस्ट्रेशन करके बैंक से ग्राहक के तौर पर जुड़ सकते हैं। अक्सर बैंक चुनते समय ज्यादातर लोग उस बैंक को प्राथमिकता देते हैं जो अपेक्षाकृत ज्यादा ब्याज देता है। हालांकि ऐसा करते हुए वे उन दूसरी बातों पर विचार नहीं करते जो शानदार बैंकिंग का अनुभव लेने के लिए जरूरी हैं। बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों के अलावा आप कुछ दूसरे जरूरी कारकों पर विचार कर सकते हैं जो न केवल बैंकिंग को आसान बल्कि विश्वसनीय भी बनाते हैं। ब्याज दरों से परे क्यों सोचें? सेविंग बैंक अकाउंट ऐसा जरिया है जिससे ब्याज की मामूली दर पर आपकी जमा पूंजी लगातार बढ़ती है और सुरक्षित रहती है। एक ओर जहां, मेनस्ट्रीम बैंक आमतौर पर 3.75% से 6.5% के बीच ब्याज दर देते हैं, वहीं कुछ बैंक और वित्तीय संस्थान ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए 8% से 8.75% तक की ऊंची ब्याज दर देते हैं। इन बैंक और वित्तीय संस्थानों की ब्याज की दर बेशक मेनस्ट्रीम बैंकों की तुलना में अधिक आकर्षक दिखाई दे सकती है, लेकिन यहां पूंजी की सुरक्षा भी एक अहम सवाल है। कम जानी पहचानी ये बैंकिंग संस्थाएँ ज्यादा से ज्यादा ग्राहक के जरिए मजबूर आधार और अपनी डिपॉजिट फ्रैंचाइजी बनाने के लिए ब्याज की आकर्षक दरें ऑफर करती हैं। हालांकि अगर फाइनैंशल वर्ल्ड में ये संस्थान मजबूती के साथ खड़े नहीं होंगे तो इनके ढहने की संभावना है। जाहिर है ऐसे में फायदे की बजाए ये मामला जोखिम भरा हो जाता है। इसके अलावा सेविंग अकाउंट का उपयोग उसी तरह से किया जाना चाहिए, जिसके लिए ये बने हैंः अत्यधिक तरलता वाला टूल जो आपकी जमापूंजी पर नाममात्र की बचत देता है। ऐसे में जमा पर 6% तक ब्याज देने वाले बैंक एक आदर्श विकल्प हैं क्योंकि इससे ज्यादा ब्याज दर अकाउंट में बहुत ज्यादा बैलेंस रखने वाले अकाउंट होल्डरों को ही मिलती है। आपको और क्या देखना चाहिए? इससे पहले कि आप अपने पैसे किसी वित्तीय संस्थान को सौंपें, आपको अकाउंट मेंटेन रखने के लिए न्यूनतम बैलेंस, लॉकर की उपलब्धता, ट्रांजेक्शन पर लगाई जाने वाली फीस जैसी चीजों का पता करना चाहिए। इसके अलावा, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल चेक डिपॉजिट, ऑटोमैटिक ट्रांसफर और आसान निकासी जैसी अन्य सुविधाओं को भी देखना चाहिए। ये सभी सेवाएं भविष्य में आसान और सुविधाजनक बैंकिंग को प्रभावित कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, HDFC बैंक ग्राहकों को तमाम सुविधाएं देता है। इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं की वजह से घर बैठे आप फंड ट्रांसफर, बिलों का भुगतान और ऐसे कई काम कर सकते हैं और जब आपकी जमा की सुरक्षा की बात आती है तो यह बिल्कुल भरोसेमंद है। यही वजह है कि बैंकिंग पार्टनर के रूप में लाखों लोग इस पर विश्वास करते हैं। HDFC बैंक ऑटोमैटिक ट्रांसफर की सुविधा भी प्रदान करता है। यह एक दूसरी बड़ी सुविधा है जो नियमित बचत में मदद करती है क्योंकि ऑटोमैटिक ट्रांसफर से सैलरी अकाउंट से फंड खुद ही सेविंग्स अकाउंट में चला जाता है। हर कोई सेविंग अकाउंट की सुविधा का लाभ ले पाए, इसके लिए HDFC बैंक ने InstaAccount ( और ) के जरिए डिजिटल सेविंग अकाउंट खोलने की सुविधा चालू की है। बैंकिंग को पहले से आसान और तेज बनाने के लिए इन अकाउंट को मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग के लिए ऑटो-एनेबल बनाया गया है। इसके अलावा, आप अकाउंट खोलने के 48 घंटे के भीतर पैसा भेज सकते हैं और बिलों का भुगतान कर सकते हैं। तो देर किस बात की, के जरिए HDFC बैंक सेविंग अकाउंट खोलें, वो भी घर बैठे मिनटों में। Disclaimer: यह आर्टिकल टाइम्स इंटरनेट की Spotlight टीम द्वारा HDFC बैंक के लिए तैयार किया गया है।


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