चीनी वस्तुओं का बहिष्कार सिर्फ सोशल मीडिया पर, ई-कामर्स पर उसी तरह बिक रहे हैं चाइनीज सामान

नई दिल्लीभारत-चीन सीमा पर विवाद बढ़ने के बीच आम लोगों के बीच चीनी वस्तुओं के बहिष्कार () की बातें खूब हो रही हैं। सोशल मीडिया के लगभग सभी प्लेटफार्म भी इसी तरह के संदेशों से भरे हुए हैं। लेकिन सच्चाई इससे कुछ अलग है। असली दुनिया में आइए तो ई-कामर्स साइटों और आसपास के दुकानों पर आम दिनों में उपयोग होने वाली चीनी वस्तुएं अभी भी वैसे ही बिक रही हैं, जैसे पहले बिकती थीं। स्थिति यह है कि शाओमी ने पहली बार भारत में लैपटॉप की बिक्री कल, 17 जून, को शुरू की और कल ही इसका सारा स्टॉक बिक गया था। स्मार्टफोन की मांग पर असर नहीं चीन की प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों से जब अभी की बिक्री के बारे में बात की गई तो उन्होंने औपचारिक रूप से कुछ भी बताने से इंकार किया। लेकिन उनके डिस्ट्रीब्यूटरों का कहना है कि मांग में कहीं कोई कमी नहीं है। यहां तक कि बीते एक जून से, जबकि लॉकडाउन में ढील मिली है, बिक्री बढ़ गई है और स्टॉक जल्दी-जल्दी खत्म हो रहे हैं। ई-कामर्स पर हुई बिक्री पर नजर रखने वालों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही हैं कि इन प्लेटफार्मों पर चाइनीज वस्तुओं या चीन से आए सामानों की बिक्री में कोई कमी नहीं आ रही है। शाओमी का लैपटॉप पहले दिन ही खत्म चीनी कंपनी शाओमी ने पिछले सप्ताह भारत में अपना लैपटॉप लांच किया था और इसकी बिक्री कल अपनी वेबसाइट Mi.com पर शुरू की। शाओमी इंडिया से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि उनके लैपटॉप की मांग का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि बिक्री शुरू होने के पहले ही दिन इसका पूरा स्टॉक खत्म हो गया। अब फिर से स्टॉक तैयार किया जाएगा तब इसकी बिक्री शुरू होगी। यह भी पढ़ें: चाइनीज ब्रैंड के अलावा कोई चारा नहीं स्मार्टफोन मार्केट की बात करें तो इसमें भारतीय ब्रैंड का शेयर 1 फीसदी के करीब है। हाल ही में वीवो का एक स्मार्टफोन खरीदने वाले सुमित का कहना है कि नॉन चाइनीज ब्रैंड में केवल ऐपल और सैमसंग दो ब्रैंड हैं जिनकी कीमत ज्यादा है। ऐसे में उनके पास चाइनीज ब्रैंड का स्मार्टफोन (Value for Money) खरीदने के अलावा कोई चारा नहीं है। वैल्यू फोर मनी के लिए खरीद रहे हैं शाओमी के लैपटॉप सेल में इसे खरीदने में कामयाब रहे एक ग्राहक का कहना है कि शाओमी 50 हजार रुपये के लैपटॉप में जो सुविधा दे रही है, वैसी सुविधा के लिए दूसरी कंपनी का एक लाख रुपये से ज्यादा दाम का लैपटॉप खरीदना होता। कोरोना काल में वैसे ही आमदनी घट गई है, तो फूंक फूंक कर कदम रखना होगा। सोमवार रात को हुई थी घटना सेना ने बीते मंगलवार को ही बताया था कि लद्दाख में सोमवार की रात चीन के साथ झड़प में सेना के कर्नल समेत 20 जवान शहीद हो गये थे। पांच दशक में ऐसा पहली बार हुआ है कि दोनों देशों की सेना के बीच इस प्रकार की झड़प हुई हो। इसी के बाद देश के कुछ हिस्सों से चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की मांग तेज हुई है। खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट जैसे कुछ उद्योग संगठनों ने सीमा विवाद को देखते हुए चीनी सामान के बहिष्कार का आह्वान किया है। वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल-फरवरी के दौरान भारत का निर्यात चीन को 15.54 अरब डॉलर का रहा जबकि आयात 62.38 अरब डॉलर का था।


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