मुंबई, दो अक्टूबर (भाषा) गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के गहराते संकट का लाभ वाणिज्यिक बैंकों को हो सकता है। वह एक बार फिर से कंपनियों को ऋण देने वाले प्रमुख स्रोत के रुप में उभर सकते हैं। इससे रिण वितरण में उनकी घटती हिस्सेदारी बढ़ सकती है। सिंगापुर की ब्रोकरेज कंपनी डीबीएस ने अपनी एक रपट में कहा कि 2014 के बाद से बुनियादी क्षेत्र को ऋण देने वाली आईएलएंडएफएस जैसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की ऋण बाजार में हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है, जबकि वाणिज्यिक बैंक इस दौरान गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के संकट को लेकर जूझने लगे। रपट के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19
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