नयी दिल्ली, 27 दिसंबर (भाषा) बेहद संभावनाओं के साथ पेश की गयी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली की किसी ने आलोचना की तो किसी ने उसे गब्बर सिंह कर कह के उसकी आलोचना की। यह नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था वर्ष 2018 में अपने दूसरे साल में इन सब के बावजूद अर्थव्यवस्था में अपने को जमाती जा रही है और सरकार के लोग आश्वस्त हैं कि यह बहुत तेजी से देश में कर अनुपालन कराने का एक कारगर हथियार बन चुकी है और अंतत: इसमें मानक दर को केवल एक रखना संभव हो जाएगा। जीएसटी के पक्षधर लोगों ने इस
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