नई दिल्ली, दो अक्टूबर (भाषा) तेल मिलों एवं व्यापारियों ने घरेलू खाद्य तेल उद्योग को बचाने के लिए पामोलिन तेल पर आयात शुल्क को बढ़ाने की मांग की है। उद्योग का कहना है कि घरेलू तेल मिलों के हित में कच्चे पाम तेल और रिफाइंड पाम तेल के आयात शुल्क के बीच 10 प्रतिशत के अंतर को बढ़ाकर 15 से 20 प्रतिशत किये जाने की आवश्यकता है। पंजाब ऑयल मिलर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने कहा कि सरकार ने कच्चे पाम तेल के आयात पर 44 प्रतिशत और रिफाइंड पाम तेल के आयात पर 54 प्रतिशत आयात
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