नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा ऋण को बट्टे खाते में डालने की कार्रवाई का बचाव करते हुए सोमवार को कहा कि कर्ज को बट्टे खाते में डालने का मतलब यह नहीं है कि कर्ज की वसूली छोड़ दी गयी है। जेटली ने कहा कि यह बैंकिंग कारोबार में एक सामान्य प्रक्रिया है इससे बैंकों का बही खाता साफ सुथरा होता है और साथ ही उन्हें अपना कर दायित्व भी उचित रखने में मदद मिलती है। जेटली ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून की तिमाही में
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