राजेश मैस्करेनस, मुंबई के प्रमोटरों की कर्ज से जुड़ी समस्या और बढ़ सकती है क्योंकि की निजी कंपनियों को बकाया चुकाने के लिए और समय देने पर म्यूचुअल फंड्स और सहमत नहीं हैं। चंद्रा ने जी एंटरटेनमेंट में अपने हिस्से के शेयर गिरवी रखकर उनसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स के लिए कर्ज लिया था। म्यूचुअल फंड और NBFC के इन शेयरों को भुनाए जाने की समयसीमा खत्म होने में अब सिर्फ 11 दिन बचे हैं। कुछ म्यूचुअल फंड चंद्रा को बकाया चुकाने के लिए और समय देने को तैयार नहीं हैं। नॉन-मीडिया ऐसेट्स को बेचने की योजना इकनॉमिक टाइम्स ने इस मुद्दे पर कई म्यूचुअल फंडों से बात की। इनमें से बड़ी कंपनियां एस्सेल ग्रुप के प्रमोटरों को उधार चुकाने के लिए और तीन महीने की मोहलत देने को तैयार हैं, लेकिन दूसरे इसका विरोध कर रहे हैं। खबर के मुताबिक, एस्सेल के शीर्ष अधिकारियों ने म्यूचुअल फंडों को बताया है कि वे 11 दिनों की समयसीमा तक बकाया नहीं चुका पाएंगे। उन्होंने इसके लिए और वक्त मांगा है। ग्रुप कुछ निवेशकों से जी में अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए बात कर रहा था, लेकिन वैल्यूएशन और अन्य मसलों के कारण सौदा होने में अधिक समय लग रहा है। एस्सेल के एक प्रवक्ता ने बताया कि हम कर्ज देने वालों के संपर्क में हैं और विनिवेश की प्रक्रिया भी चल रही है ताकि उधार चुकाया जा सके। उन्होंने बताया, ‘अभी तक सारे फैसले कर्ज देने वालों के हितों को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। हमने उनकी सहमति मिलने के बाद ही कोई कदम उठाया है। ग्रुप इसी अप्रोच पर चलता रहेगा और हमारा ध्यान बकाया चुकाने पर बना हुआ है। एस्सेल ग्रुप अपनी कंपनियों में और हिस्सेदारी बेचने पर काम कर रहा है। इनमें नॉन-मीडिया ऐसेट्स को बेचने की योजना भी शामिल है।’ मोहलत देने पर आमराय नहीं एस्सेल के प्रमोटरों ने जी एंटरटेनमेंट के शेयर प्राइस में भारी गिरावट आने के बाद इस साल जनवरी में म्यूचुअल फंडों और NBFC के साथ समझौता किया था। शेयर के दाम में गिरावट आने पर वे कर्ज देने वालों को अतिरिक्त जमानत नहीं दे पाए थे। उन्होंने 30 सितंबर तक कंपनी में हिस्सेदारी बेचकर उनका बकाया चुकाने का समझौता किया था। पिछले महीने एस्सेल ने जी में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी इनवेस्को ओपनहाइमर को 4,224 करोड़ रुपये में बेची थी। इसके बाद उसने 6 म्यूचुअल फंडों का 2,300 करोड़ का बकाया चुकाया था। 30 सितंबर तक एस्सेल को और 2,300 करोड़ का कर्ज चुकाना था। इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने बताया, ‘कुछ कर्जदाता एस्सेल ग्रुप को और समय देना चाहते हैं क्योंकि वह ईमानदारी से कर्ज चुकाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, कुछ फंड हाउस एस्सेल पर तुरंत बकाया चुकाने का दबाव डाल रहे हैं।’
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