कंपनियों का टैक्स घटा, सामान सस्ते होंगे लेकिन जल्दी नहीं

मुंबई सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों के टैक्स में कटौती की है। हालांकि इससे ग्रॉसरी, इलेक्ट्रॉनिक्स या लाइफस्टाइल प्रॉडक्ट्स के दाम तुरंत कम नहीं होंगे। टैक्स कम होने से कंपनियों के हाथ में जो पैसा बचेगा, उसका इस्तेमाल वे प्रॉडक्शन कपैसिटी बढ़ाने में करेंगी, न कि छूट और ऑफर देने में। फ्यूचर रिटेल के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश बियानी ने बताया, ‘टैक्स घटने से कंपनियों के कैश फ्लो (कामकाज से मिलने वाली नकदी) में बढ़ोतरी होगी। वे इसका इस्तेमाल बिजनस बढ़ाने के लिए कर सकती हैं।’ जरूरी नहीं कि कंजम्पशन बढ़े कंपनियों ने बताया कि इस कदम से निवेश तो बढ़ सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि कंजम्पशन यानी खपत में भी बढ़ोतरी हो। अरविंद लाइफस्टाइल ब्रैंड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर जे सुरेश ने कहा, ‘अगर इनकम टैक्स में कटौती हुई होती तो ग्राहकों के हाथ में पैसा बढ़ता, जिससे तुरंत खपत बढ़ती।’ पारंपरिक तौर पर दिवाली पर कंपनियां डिस्काउंट नहीं देती हैं। वे इस दौरान नए कलेक्शन और प्रॉडक्ट्स लॉन्च करती रही हैं। FMCG, अपैरल और रिटेल सेगमेंट की ग्रोथ पिछली तीन तिमाहियों से सुस्त बनी हुई है। जुलाई के बाद से स्मार्टफोन और होम अप्लायंस प्रॉडक्ट्स की बिक्री भी घटी है। एलईडी टीवी हो सकता है सस्ता इस मामले में कोडक और थॉमसन के लिए टेलिविजन बनाने वाली कंपनी सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा, ‘जीएसटी में कटौती से दाम पर सीधा असर हुआ होता। हाल में एलईडी टीवी पैनलों पर आयात शुल्क खत्म किया गया है। इससे अक्टूबर के अंत तक एलईडी टीवी के दाम में 2-3 प्रतिशत की कमी आ सकती है।’ भारत में गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन में सबसे अधिक खरीदारी होती है। कन्ज्यूमर कंपनियों की कुल बिक्री में तो इसका योगदान 35-40 प्रतिशत तक होता है। देश की एक बड़ी स्मार्टफोन कंपनी के अधिकारी ने बताया, ‘सामान की कीमत तय करने में कॉर्पोरेट टैक्स का असर शामिल नहीं होता। इसलिए इस कटौती से ग्राहकों के लिए सामान सस्ते नहीं होंगे।’ ज्यादा टैक्स देने वाली कंपनिों को ज्यादा फायदा FMCG क्षेत्र के लिए अधिकतर सामान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में बनाए जाते हैं, जहां सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती या ड्यूटी कंपनियों को लौटाई जाती है। पैराशूट नारियल तेल बनाने वाली मैरिको के मैनेजिंग डायरेक्टर सौगत गुप्ता ने कहा, ‘अभी इसका हम पर मामूली असर होगा, लेकिन जब इन राज्यों में टैक्स छूट खत्म हो जाएगी तो FMCG कंपनियों को भी इसका लाभ मिलेगा।’ इस कदम से सबसे अधिक फायदा हिंदुस्तान यूनिलिवर, कोलगेट, आईटीसी, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी कंपनियों को होगा, जिन्हें अभी 30-35 प्रतिशत का टैक्स चुकाना पड़ता है। फील गुड फैक्टर पैदा होगा जानकारों का भी कहना है कि कुछ वर्गों को छोड़कर दूसरों में सामान सस्ते नहीं होंगे। ब्रिटानिया के मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण बेरी ने कहा, ‘कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से फील गुड फैक्टर पैदा होगा। इससे आखिरकार कंजम्पशन में भी बढ़ोतरी होगी। सरकार ने आर्थिक सुस्ती को गंभीरता से लिया है और वह स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठा रही है।’


from Latest Business News in Hindi - बिज़नेस खबर, बिज़नेस समाचार, व्यवसाय न्यूज हिंदी में | Navbharat Times http://bit.ly/2LH2qCU
Previous Post
Next Post
Related Posts