निजी कार मालिक ढो सकेंगे यात्री, लेकिन सिर्फ लागत वसूली का मिलेगा अधिकार

निष्ठा सलूजा, नई दिल्लीउबर-ओला की तरह निजी कार मालिकों को भी यात्रियों को कहीं ले जाने की छूट मिलने जा रही है। रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने इसके लिए ड्राफ्ट गाइडलाइंस तैयार कर ली हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि जो कार मालिक राइड शेयरिंग सेवा देना चाहते हैं, उन्हें और यात्रियों को नो योर कस्टमर नॉर्म्स का पालन करना होगा। गाइडलाइंस में कहा गया है कि एक दिन में वे अधिकतम चार राइड दे सकेंगे। अधिकारी ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, 'हमने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। जल्द ही लोगों की राय लेने के लिए इसे सार्वजनिक किया जाएगा। इसमें हमने कार-पूलिंग के लिए कुछ बुनियादी दिशानिर्देश दिए हैं, जिन्हें राज्य सरकारें अपनी समझ के हिसाब से लागू कर सकती हैं।' केंद्र चाहता है कि कार-पूलिंग नो-प्रॉफिट, नो-लॉस आधार पर की जाए। अधिकारी ने बताया, 'हम नहीं चाहते कि निजी कार मालिकों को दी जा रही इस छूट का इस्तेमाल कमर्शल एक्टिविटी के लिए हो।’ उन्होंने यह भी कहा कि निजी कार मालिक सिर्फ ऐप के जरिए ऐसी पूलिंग कर सकेंगे। कार मालिक राइड की लागत सह-यात्रियों के साथ साझा कर सकेंगे और एग्रीगेटर्स को उनके साथ राइडर्स का केवाईसी सुनिश्चित करना होगा। ट्रिप स्टार्ट करने से पहले कार मालिक को अपनी ट्रिप डिटेल्स भी डिक्लेयर करनी होगी। कार-पूलिंग के लिए क्विक राइड जैसे मोबाइल ऐप पहले से मौजूद हैं। राज्यों को भी हो कुछ आमदनी केंद्र के दिशानिर्देश इस तरह से लागू किए जाएंगे कि राज्यों को भी इस व्यवस्था से कुछ आमदनी हो। अधिकारी ने बताया, 'अभी तक राज्य सरकारों को कार-पूलिंग से कोई आमदनी नहीं हो रही है। हम एग्रीगेटर्स के सामने ऐसा मॉडल बनाने का प्रस्ताव रख रहे हैं, जिससे राज्यों को भी कुछ आमदनी हो। अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो राज्य इस पर रोक लगा सकते हैं और ये ऐप बंद हो जाएंगे। वहीं, अगर उन्हें आमदनी होगी तो राज्य सरकारें उनका ख्याल रखेंगी।’ गाड़ियों की भीड़ घटाने में मिलेगी मददनिजी कार मालिकों की तरफ से कार-पूलिंग के लिए उबर-ओला जैसे एग्रीगेटर्स को अलग प्लैटफॉर्म तैयार करना होगा। अधिकारी ने बताया, ‘वे मौजूदा सेटअप में यह सुविधा नहीं दे सकतीं।’ इकनॉमिक टाइम्स ने 2 जुलाई को खबर दी थी कि केंद्र सरकार उबर मॉडल या निजी कार मालिकों की कार-पूलिंग के रूप में शेयर्ड मोबिलिटी की समर्थक है। उसका मानना है कि इससे सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ घटाने में मदद मिलेगी। शेयर्ड मोबिलिटी को बढ़ावानैशनल मिशन फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव मोबिलिटी का एक अजेंडा कार-पूलिंग है। इस साल जून में कर्नाटक ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने ओला और उबर से उनके मोबाइल ऐप पर ‘राइड शेयरिंग’ फीचर हटाने को कहा था। राज्य सरकार का कहना था कि इससे कैब ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर लात पड़ रही है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए जारी दिशानिर्देश के तहत केंद्र ने 17 जुलाई को राज्यों को लेटर लिखकर शेयर्ड मोबिलिटी को बढ़ावा देने को कहा था। उसने लेटर में लिखा था कि इससे रोड पर गाड़ियों की भीड़-भाड़ कम करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी।


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