नयी दिल्ली, 23 दिसम्बर (भाषा) एक संसदीय समिति ने केंद्र को हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक अध्ययन के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन और आधारभूत ढांचा मुहैया कराने की सिफारिश की है जिससे यह पता लगाया जा सके कि ग्लेशियर किस हद तक सिकुड़ रहे हैं और उसके प्रभावों को कम करने के क्या तरीके हो सकते हैं। समिति ने इसका उल्लेख किया कि हिमालयी क्षेत्र के ग्लेशियर ‘‘खतरनाक दर’’ से सिकुड़ रहे हैं और पर्यटन गतिविधियों को नियंत्रित करने की जरूरत है। समिति ने ‘हिमालयन इको ..टूरीज्म’ के लिए एक रूपरेखा बनाते समय ध्यान में रखने वाले दिशानिर्देश तैयार करने के
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