नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) कर्ज वसूलने का जिम्मा संभाल रहे राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता प्रक्रिया से 2018 में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली करने में मदद की। अगले साल इसके बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर जाने की उम्मीद है क्योंकि कुछ बड़े ऋण चूक के मामले अभी लंबित हैं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, न्यायाधीशों और पीठों की संख्या में वृद्धि और प्रक्रिया में तेजी के लिये पर्याप्त बुनियादी ढांचे के माध्यम से एनसीएलटी को और मजबूत करने की योजना बनायी जा रही है।
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