नई दिल्ली, पांच अक्टूबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने रूस से हीरा आयात के लिए दोनों देशों की सरकारों के बीच ऐसे समझौते की जरूरत पर बल दिया है जिससे भारत के भुगतान संतुलन पर प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारत हीरा तराशी और पॉलिश का बड़ा केंद्र है, जबकि रूस के पास खनिज हीरे का बड़ा भंडार है। प्रभु ने कहा, ‘‘यदि हम दोनों सरकारों के बीच एक ऐसे समझौते पर काम कर सकें, जहां आयात करने से हमारे भुगतान संतुलन पर प्रतिकूल असर न हो और हम अपनी जरूरत भी पूरी
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