नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति सुधांशु ज्योति मुखोपाध्याय ने सोमवार को कहा कि दिवाला एवं रिण शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) को और अधिकार दिए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के लिए नियमनों का भी सुझाव दिया। मुखोपाध्याय ने यहां आईबीबीआई की स्थापना पर पहले वार्षिक दिवस व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहा कि दिवाला एवं रिण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत निपटान के लिए आने वाले मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर बैंकिंग प्रणाली से गैर- निष्पादित आस्तियों को समाप्त करने के प्रयासों
from Latest Business News in Hindi - बिज़नेस खबर, बिज़नेस समाचार, व्यवसाय न्यूज हिंदी में | Navbharat Times http://bit.ly/2zL7NuQ