मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल 2.50 रुपये प्रति लीटर सस्ता करके अपनी दो शानदार उपलब्धियों को ही धूमिल कर देने का खतरा पैदा कर दिया है। 2014 से तेल कपंनियों की सुधरती वित्तीय सेहत की वजह से उनके शेयर के दाम बढ़े। वहीं, वित्तीय अनुशासन का कड़ाई से पालन किए जाने की वजह से वित्तीय घाटा भी नियंत्रण में रहा।
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