बेंगलुरु मधु यानी शहद को लेकर इन दिनों डाबर और मेरिको कंपनी के बीच जंग छिड़ी हुई है। डाबर ने आरोप लगाया है कि मेरिको ने उसकी नकल कर के ही अपने प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। मेरिको ने शहद के बिजनेस में पिछले ही महीने एंट्री की है और अपने कुछ प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। पिछले ही हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश में ये बात भी कही गई थी कि दोनों ही कंपनियों को प्रोडक्ट काफी हद तक एक जैसे लग रहे हैं, जिसकी वजह से खरीददा के मन में कनफ्यूजन पैदा हो सकता है, भले ही बॉटल पर सफोला लिखा हुआ है। अभी तो कोर्ट ने डाबर को एक अंतरिम निषेधाज्ञा जारी करते हुए राहत दी है और कहा है ये निषेधाज्ञा उन प्रोडक्ट पर लागू नहीं होगी जो पहले ही मेरिको की तरफ से बेचे जा चुके हैं। हालांकि, अभी दोनों ही पार्टियों का ये कहना है कि 17 जुलाई के कोर्ट के आदेश के मुताबिक मामला कोर्ट में ही है। यह भी पढ़ें- डाबर ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है। मेरिको ने भी कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि मामला अभी कोर्ट में है, लेकिन ये जरूर कहा है कि वह शहद की मैन्युफैक्चरिंग और बेचना करना जारी रखेगा। डाबर पैकेज्ड शहद 1965 से बेच रहा है, जिसने केस में कहा है कि ट्रेड ड्रेस, लेबल, पैकेजिंग, गेट सब मेरिको ने डाबर की नकल की है। खासकर बोतल की कैप, रंग और लेबल। पिछले वित्त वर्ष में शहद का करीब 482 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
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