नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) अनधिकृत अधिभार लगाने और उच्च एमडीआर शुल्क जैसे कारणों से ही प्रोत्साहन के तमाम प्रयासों के बावजूद देश में डिजिटल भुगतान की वृद्धि आशातीत गति नहीं पकड़ सकी है। एक अध्ययन में ऐसा दावा किया गया है। आईआईटी मुंबई की ओर से किये गए एक अध्ययन के निष्कर्ष में कहा गया है कि भुगतान उत्पादों (जैसे-एमडीआर) के शुल्क में विकृति लाई जा रही है और बैंकों एवं बड़े व्यापारियों द्वारा धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से अधिभार लिया जा रहा है। अध्ययन में कहा गया है, ''एक तरफ छोटे/मध्यम व्यापारियों और दूसरी तरफ ग्राहकों को इससे नुकसान हो रहा है। कुल
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