नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने दूरसंचार मंत्रालय द्वारा स्पेक्ट्रम प्रबंधन में कई खामियां पाई हैं। कैग का कहना है कि स्पेक्ट्रम प्रबंधन में खामियों की वजह से सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है। आडिटर ने पाया कि एक दूरसंचार आपरेटर को 2015 में समिति की सिफारिशों के उलट पहले आओ पहले पाओ के आधार पर कुछ स्पेक्ट्रम का आवंटन किया गया, जबकि सरकार के पास माइक्रोवेव (एमडब्ल्यू) स्पेक्ट्रम के 101 आवेदन लंबित थे। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दूरसंचार विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के स्पेक्ट्रम प्रयोगकर्ताओं को स्पेक्ट्रम आवंटन
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