नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) वित्तीय साख का निर्धारण करने वाली घरेलू फर्म इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की एक ताजा रपट के अनुसार सरकार कुछ भी कहे पर चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे सीमित रखने का बजट में तय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा क्योंकि अप्रत्यक्ष कर और गैर-कर राजस्व की प्राप्ति अनुमान के अनुसार नहीं चल रही है। सरकार ने वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा (सरकार के कुल खर्च की तुलना में उसके राजस्व में कमी) सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। राजकोषीय घाटा अर्थव्यवस्था की वृहद स्थिति को प्रभावित करने वाला
from Latest Business News in Hindi - बिज़नेस खबर, बिज़नेस समाचार, व्यवसाय न्यूज हिंदी में | Navbharat Times http://bit.ly/2P2DBPX