माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) सेक्टर ने आरबीआई से अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और उधारी चुकाने संबंधी नियमों में कई तरह की रियायतों की मांग की है। उसने हाल ही में घोषित 25 करोड़ रुपये तक के लोन की रिस्ट्रक्चरिंग की समयसीमा बढ़ाने को भी कहा है।
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