नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) कर्ज चूक करने वाले बिल्डरों के मामलों को दिवाला कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पास भेजने से पहले नए रीयल एस्टेट कानून रेरा के तहत नियामकों के पास भेजा जाए। रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठन नारेडको ने यह सुझाव दिया है। नारेडको ने यह भी सुझाव दिया है कि किसी नए परियोजना से संबंधित विवाद को रीयल एस्टेट (नियमन एवं विकास) कानून (रेरा) के तहत गठित राज्य नियामकों द्वारा सुना जाए। इन्हें उपभोक्ता अदालतों के पास न भेजा जाए। पिछले सप्ताह हुई एक बैठक में नारेडको ने ये सुझाव केंद्रीय
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