मजबूत मांग, सीमित आपूर्ति से बीते सप्ताह खाद्य तेल कीमतों में तेजी

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) खाद्य तेल कीमतों में बीते सप्ताह भी तेजी जारी रही। स्टॉक की कमी के बीच वनस्पति मिलों और फुटकर कारोबारियों की बढ़ती मांग के कारण बीते सप्ताह दिल्ली के थोक तेल एवं तिलहन बाजार में खाद्य तेल कीमतों में तेजी आई। अखाद्य तेल खंड में उपभोक्ता उद्योगों का उठाव बढ़ने के कारण अरंडी तेल की कीमतों में भी मजबूती आई। बाजार सूत्रों ने कहा कि फुटकर कारोबारियों की बढ़ती मांग के कारण वनस्पति मिलों का उठाव बढ़ने तथा उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति घटने के कारण स्टॉक की कमी के कारण मुख्यत: खाद्य तेल कीमतों में तेजी आई। इस बीच, रुपये की विनिमय दर में गिरावट के बीच भारत के खाद्य तेलों का आयात चालू वर्ष में अगस्त तक 11 प्रतिशत बढ़कर 15.12 लाख टन हो गया। भारत दुनिया में खाद्य तेलों का अग्रणी आयातकर्ता देश है जिसने पिछले साल समान महीने के दौरान वैश्विक बाजार से 13.61 लाख टन खाद्य एवं अखाद्य तेलों की खरीद की थी। राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली में मूंगफली मिल डिलीवरी (गुजरात) तेल की कीमत 100 रुपये की तेजी के साथ 9,100 रुपये प्रति क्विन्टल पहुंच गयी। सरसों एक्सपेलर (दादरी) की कीमत 250 रुपये की तेजी के साथ 8,450 रुपये प्रति क्विन्टल हो गई। सरसों पक्की और कच्ची घानी की कीमतें 10 - 10 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 1,305 - 1,350 रुपये और 1,355 - 1,455 रुपये प्रति टिन पर बंद हुई। तिल मिल डिलीवरी और बिनौला मिल डिलीवरी (हरियाणा) तेल की कीमतें क्रमश: 100 रुपये और 50 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 10,600 रुपये और 7,850 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। पामोलीन (आरबीडी) और पामोलीन (कांडला) तेलों की कीमतें भी सप्ताहांत में 50 - 50 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 6,900 रुपये और 6,950 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं। समीक्षाधीन अवधि के दौरान अखाद्य तेल खंड में अरंडी तेल की कीमत भी 200 रुपये की तेजी के साथ 7,700 - 7,800 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। जबकि अलसी तेल की कीमत 100 रुपये की गिरावट के साथ 9,500 रुपये प्रति क्विन्टल रह गयी। भाषा राजेश रमणरमण

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