नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) प्लास्टिक कचरे के व्यवस्थित निस्तारण की कार्ययोजना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को जमा नहीं करने पर करीब 25 राज्य सरकारों को एक-एक करोड़ रुपये का पर्यावरण हर्जाना भरना पड़ सकता है। कार्ययोजना जमा करने की राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा तय 30 अप्रैल की समयसीमा निकल चुकी है। एनजीटी के आदेश के अनुसार राज्यों को सीपीसीबी को 30 अप्रैल तक कार्ययोजना जमा करनी थी। ऐसा नहीं होने पर उन्हें एक करोड़ रुपये प्रति माह की दर से हर्जाना भरना होगा। इस मामले में राज्यों के खिलाफ कानूनी रुख अख्तियार करने वाले सीपीसीबी के पूर्व अतिरिक्त निदेशक
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