कोलकाता, 16 सितंबर (भाषा) कोल इंडिया कोयले के निर्यात को लेकर वाणिज्यिक अनुबंधों को अंतिम रूप देने से पहले इस ईंधन के निर्यात के लिये नीति चाहती है कोल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘नीति की जरूरत हैं लेकिन हम निर्यात को लेकर आक्रमक नहीं है क्योंकि हम घरेलू बाजार में उच्च मांग का सामना कर रहे हैं और हमारा शुरुआती मकसद इसे पूरा करना है।’’ उसने कहा, ‘‘हम नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के साथ निर्यात के लिये बातचीत की प्रक्रिया में हैं। इसका उद्देश्य दीर्घकाल के लिये बाजार सृजित करना है। द्विपक्षीय समझौतों के जरिये काफी कम मात्रा में कोयले का निर्यात पड़ोसी देशों को किया जाता है।’’ इससे पहले, सरकार अधिक राख वाले या उच्च स्तर के कोयले के निर्यात की योजना बनायी थी। कोल इंडिया ऐसे समय निर्यात की संभावना टटोल रही है जब खदान के मुहाने पर कोयला भंडार मई 2017 में सात करोड़ टन के करीब पहुंच गया है। खदान के मुहाने पर स्थित कोयले को लेकर रूचि कम होती है जिसका कारण वहां से कोयले को निकालना तथा लागत से जुड़े मुद्दे हैं। भाषा रमण अंकितअंकित
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