बीपीसीएल ने बीना रिफाइनरी के लिए आईपीओ लाने की योजना टाली

मुंबई, 16 सितंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी भारत पेट्रोलियम ने बीना तेलशोधक कारखाने के लिए आईपीओ लाने की योजना को फिलहाल टाल दिया है। कंपनी का कहना है कि रिफाइनरी में जारी विस्तार कार्य के लिए उसके पास नकदी की तंगी नहीं है और कुवैत पेट्रोलियम ने भी कारखाने में हिस्सेदारी लेने में दिलचस्पी दिखायी है। बीना रिफाइनरी में बीपीसीएल और ओमान ऑयल कंपनी बराबर की हिस्सेदार हैं। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 1,20,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाले तेलशोधक कारखाने को अगस्त के मध्य में 45 दिन के लिए बंद कर दिया गया था। नयी इकाइयों को मौजूदाय इकाइयों के साथ जोड़ देने के बाद इसकी कुल क्षमता 1,56,000 बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। साल 2011 में शुरू किये गए बीना तेलशोधक कारखाने या भारत ओमान रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता वर्तमान में 60 लाख टन है। इसे दो चरण में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से 78 लाख टन तक पहुंचाया जायेगा। इसके बाद कंपनी का लक्ष्य अगले पांच साल में 20,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के साथ इसे 1.5 करोड़ टन तक पहुंचाना है। बीपीसीएल के निदेशक (रिफानरी) आर रामचंद्रन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “बीना पिछले कुछ साल से पर्याप्त नकदी जुटा रही है। हमें इसे चलाने के लिए बाहर से नकदी की जरूरत नहीं है। वास्तव में इसने हाल में पूरे किये गये विस्तार कार्य के लिए पर्याप्त नकदी सृजित की है।” उन्होंने कहा, “इसलिए प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम की हमारी पूर्व की योजना को अब कम-से-कम दो-तीन साल के लिए टाल दिया गया है। कंपनी पिछले कुछ साल हानि में थी और हमारी साझीदार कंपनी ओमान पेट्रोलियम रुपये लगाने के लिए तैयार नहीं थी, इसीलिए आईपीओ लाने की योजना बनायी गयी थी।” आईपीओ में ओमान आयल को बाहर निकलने का विकल्प दिया जा सकता था लेकिन अब वह संयुक्त उद्यम से निकलना नहीं चाहते हैं। ‘‘इसके अलावा कुवैती पेट्रोलियम इस कंपनी में अच्छी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छुक है। हम इस बारे में ब्यौरा तैयार कर रहे हैं।’’ भाषा अंकित महाबीरमहाबीर

from Latest Business News in Hindi - बिज़नेस खबर, बिज़नेस समाचार, व्यवसाय न्यूज हिंदी में | Navbharat Times http://bit.ly/2QySL1q
Previous Post
Next Post
Related Posts