नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने कहा है कि इस्पात क्षेत्र में एक प्रतिस्पर्धी ताकत के रूप में उभरने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को निजी कंपनियों की गतिविधियों का अनुकरण करना होगा। देश में कुल घरेलू उत्पादन में निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 80 से 82 प्रतिशत है। इस्पात मंत्री ने स्टील क्षेत्र में एक वैश्विक इकाई के रूप में उभरने के लिये चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों से अवसर छीनने का भी आह्वान किया। हाल में हुई बैठक में सिंह के हवाले से ब्योरे में कहा, ‘‘सार्वजनिक उपक्रमों का इस्पात उत्पादन में योगदान 18 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में उन्हें निजी क्षेत्र से सीखने की जरूरत है जिनका उत्पादन में 80 से 82 प्रतिशत योगदान है। अगर भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत और प्रतिस्पर्धी ताकत के रूप में उभरना है, सार्वजनिक उपक्रमों को निजी क्षेत्र की कंपनी से सीखना होगा।’’ मंत्री ने उच्च गुणवत्ता के मिश्रधातु के उत्पादन पर जोर देते हुए इस्पात क्षेत्र में देश की स्थिति मजबूत करने की जरूरत को भी रेखांकित किया। मंत्री ने भरोसा जताया कि अगले पांच दशक के लिये इस्पात मांग की गारंटी है। ‘‘हम चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों से अवसर छीनने में पीछे हैं और वैश्विक बाजार में बड़ी इकाई बनने के लिये अनूठी पहल करने की जरूरत है। सिंह ने कहा कि इस्पात उद्योग पिछले 3-4 साल में संकट से बाहर आ गया है और वृद्धि की दिशा में बढ़ने की स्थिति में है। भाषा रमण सुमन सुमन
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