नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) सरकार चालू वित्त वर्ष में उन 50,000 और कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर सकती है जो लंबे समय से कोई भी कारोबारी गतिविधियां नहीं कर रही हैं। अवैध रूप से धन प्रवाह पर अंकुश लगाने के लिये जारी तेज प्रयास के बीच इस बात की संभावना जतायी जा रही है। उल्लेखनीय है कि 2.26 लाख कंपनियों के नाम पहले ही आधिकारिक रिकार्ड से हटाये जा चुके हैं। इसके अलावा कार्रवाई के लिये इतनी ही संख्या में कंपनियों की पहचान की गयी है। वित्त वर्ष 2018-19 में कारपोरेट कार्य
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