विदेशों में सामान्य कारोबार के बीच स्थानीय तेल तिलहन बाजार में मिला-जुला रुख

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) विदेशों में सामान्य कारोबार के बीच घरेलू बाजार में ऊंचे भाव पर मांग कमजोर रहने से बीते सप्ताह दिल्ली तेल तिलहन बाजार में कारोबार में मिला जुला रुख रहा। जहां सरसों, मूंगफली और सोयाबीन जैसे तेलों में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले गिरावट रही वहीं पामोलीन, सीपीओ एक्स कांडला, बिनौला मिल डिलिवरी तेल में सुधार दर्ज हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों (तिलहन) का भाव पांच रुपये सुधार के साथ 4,660-4,685 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। सस्ते आयातित तेल के मुकाबले महंगा पड़ने की वजह से सरसों दादरी 220 रुपये टूटकर 9,400 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताहांत 9,620 रुपये प्रति क्विन्टल पर था। सरसों पक्की घानी और सरसों कच्ची घानी टिन के भाव भी पिछले सप्ताहांत के बंद स्तर के मुकाबले 25-25 रुपये की हानि प्रदर्शित करते क्रमश: 1,485-1,635 रुपये और 1,515-1,660 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए। मूंगफली (तिलहन फसल) और मूंगफली मिल डिलिवरी गुजरात तेल के भाव पिछले सप्ताहांत के क्रमश: 4,530-4,555 रुपये और 11,400 रुपये के मुकाबले 15 रुपये और 300 रुपये की गिरावट दर्शाते इस सप्ताहांत क्रमश: 4,515-4,540 रुपये और 11,100 रुपये क्विन्टल पर बंद हुए। दूसरी ओर मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव 20 रुपये का सुधार दर्शाता 1,870-1,915 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ। सोयाबीन मिल डिलिवरी दिल्ली और सोयाबीन इंदौर के भाव अपरिवर्तित रहे वहीं कमजोर मांग की वजह से सोयाबीन डीगम का भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले क्रमश: 100 रुपये टूटकर 8,900 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। सोयाबीन तिलहन प्लांट डिलिवरी और खुले (लूज) का भाव पिछले सप्ताहांत के क्रमश: 4,450-4,500 रुपये और 4,100-4,300 रुपये के मुकाबले गिरावट दर्शाता समीक्षाधीन सप्ताहांत में क्रमश: 4,400-4,450 रुपये और 4,000-4,200 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। दूसरी ओर स्थानीय मांग बढ़ने से जहां सीपीओ एक्स कांडला और बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) तेल का भाव क्रमश: 50 रुपये और 100 के सुधार के साथ क्रमश: 8,050 रुपये और 8,650 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कहा था कि रिफाइंड पामोलीन के आयात के लिए लाइसेंस लेना जरूरी बनाया जायेगा और बदले में इस पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी को पांच से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया जायेगा ताकि इसके आयात को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने आयात शुल्क को पांच प्रतिशत घटा दिया है लेकिन जीएसटी को नहीं बढ़ाया गया है। सूत्रों ने कहा कि मौजूदा कदम से देश में रिफाइंड पामोलीन का आयात बढ़ेगा जो पिछले कुछ दिनों से रुका हुआ था।सरकार के इस कदम की वजह से पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला के भाव पूर्व सप्ताहांत के बंद भाव के मुकाबले क्रमश: 300 रुपये और 250 के सुधार के साथ समीक्षाधीन सप्ताहांत में क्रमश: 9,500 रुपये और 8,700 रुपये क्विंटल पर बंद हुए।


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