नई दिल्ली सरकार बड़े पैमाने पर निजी ट्रेनें चलाने पर विचार कर रही है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत का कहना है कि 6 से 7 महीनों में मेट्रो शहरों से जोड़ने वाली प्राइवेट ट्रेनें पटरी पर दौड़ेंगी। उन्होंने इसमें 100 फीसदी एफडीआई लाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एफडीआई मामले में निवेशकों को पूरी आजादी दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि बेहतर निजी निवेशक लाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए मुकाबले का माहौल पैदा करना जरूरी है। बेहतर प्रतिस्पर्द्धा के लिए एक रूट में एक से अधिक प्लेयर्स की जरूरत है। प्रतिस्पर्द्धा के नजरिए से यह क्रांतिकारी कदम होगा। सरकार निवेशकों को ऑपरेशन में पूरी आजादी देगी। बेहतर से बेहतर सेवाएं देने की जिम्मेदारी निवेशक की होगी। वहीं, ट्रैक और सिग्नल के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए रेलवे जिम्मेदार होगी। नाम जाहिर न करने की शर्त पर कुछ दिनों पहले एक अधिकारी ने बताया था कि बोली लगाने के लिए कई लंबी दूरी के मार्गों का चयन किया गया है, जिसमें मुंबई-कोलकाता, मुंबई-चेन्नै, मुंबई-गुवाहाटी, नई दिल्ली-मुंबई, तिरूवनंतपुरम-गुवाहाटी, नई दिल्ली-कोलकाता, नई दिल्ली-बेंगलुरु, नई दिल्ली-चेन्नै, कोलकाता-चेन्नै तथा चेन्नै-जोधपुर शामिल हैं।
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