ऐतिहासिक परमाणु समझौते को बचाने के लिए भारत और चीन हैं यूरोप की आखिरी उम्मीद

डिप्लोमैट्स का मानना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में तेहरान द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने के बावजूद यूरोपीय यूनियन ईरान परमाणु संधि का बचाव करेगी। यूरोपीय ताकतों का मानना है कि चीन या भारत को ईरानी तेल बेचने के करार के बिना ही यह संधि खत्म हो जाएगी।

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