IIT-IIM प्लेसमेंट में अड़ंगा डाल रहे CAA, आर्टिकल 370 के विरोध प्रदर्शन

प्राची वर्मा डढवाल/श्रीराधा डी बसु, नई दिल्ली/कोलकाता सिटिजनशिप अमेंडमेंट ऐक्ट () लागू होने और आर्टिकल 370 हटने के कारण देश में भड़की आंदोलन की आग IIM शिलॉन्ग, IIT गुवाहटी और NIT श्रीनगर की प्लेसमेंट प्रक्रिया पर असर डाल रही है। इन संस्थानों को चिंता है कि विरोध जारी रहने से कंपनियां कैंपस हायरिंग के लिए आने का प्लान रद्द कर सकती हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) शिलॉन्ग में दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई से आने वाली विजिटिंग फैकल्टी को मेघालय और असम में चल रहे आंदोलन के कारण संस्थान तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। कर्फ्यू जैसी स्थिति बनने से गुवाहटी और शिलॉन्ग में यातायात ठप पड़ गया था। वहां अभी कर्फ्यू नहीं लगा है, लेकिन 18 दिसंबर को स्टूडेंट्स यूनियन की बड़ी रैली होने वाली है। IIM शिलॉन्ग की प्लेसमेंट टीम के सदस्य ने बताया, 'ये रैलियां प्लेसमेंट प्रक्रिया में बाधा डाल रही हैं। इनके चलते रिक्रूटर यहां आने का प्लान रद्द करने या टालने पर विचार कर सकते हैं।' उन्होंने बताया, 'हमें रोज परेशानी हो रही है। कर्फ्यू हटने के बावजूद रिक्रूटर्स में संदेह बना हुआ है।' पूर्वोत्तर में बड़ी संख्या में लोग गुवाहटी एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। शिलॉन्ग की तुलना में यहां से ज्यादा फ्लाइटें उड़ान भरती हैं। IIM शिलॉन्ग की प्लेसमेंट सेल से जुड़े सूत्र ने बताया, 'इस वीकेंड तक गुवाहटी में टैक्सियां नहीं चल रही थीं, जिस कारण रिक्रूटर्स को गुवाहटी एयरपोर्ट से कैंपस तक आने में दिक्कत हो रही थी।' असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन से संस्थान की प्लेसमेंट प्रक्रिया पर असर पड़ा है। इंटरव्यू की संख्या घटी है और ज्यादातर रिक्रूटर इसके लिए स्काइप का सहारा ले रहे हैं। पिछले साल अब तक 80-90 पर्सेंट स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट हो चुका था। इस साल यह आंकड़ा घटकर 65-70 पर्सेंट पर आ गया है। IIM शिलॉन्ग के चेयरमैन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, शिशिर कुमार बाजोरिया ने बताया, 'हमने स्टाफ और फैकल्टी की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि वे कैंपस में ही रहें। अब तक कोई अनहोनी नहीं हुई है।' श्रीनगर के हालात में भी खास सुधार नहीं हुआ है। हालांकि वहां के नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (NIT) को अलग से इंटरनेट की सुविधा मिल रही है। घाटी जाने को लेकर रिक्रूटर्स में हिचकिचाहट है। इस कारण 350 छात्रों के अंडरग्रैजुएट बैच में अब तक केवल 80 को जॉब ऑफर मिले हैं। संस्थान ने प्लेसमेंट की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसे मार्च से फिर से शुरू किया जाएगा। NIT ने कंपनियों से उनकी रिक्रूटमेंट प्रक्रिया को खास संस्थान के स्टूडेंट्स के लिए मार्च तक रोकने का आग्रह किया है। IIT गुवाहटी में अब तक बाकी दोनों संस्थानों से बेहतर प्लेसमेंट हुई है। हालांकि बीते दिनों में कैंपस हायरिंग के लिए आने वाले रिक्रूटर्स की संख्या घटकर आधी रह गई है।


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