नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने निजी कंपनियों के ऑक्सीटोसिन का उत्पादन करने और बेचने पर रोक लगाने वाले सरकार के फैसले को शुक्रवार को रद्द कर दिया। ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल प्रसव पीड़ा शुरू करने और रक्तस्राव नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति ए के चावला की पीठ ने बताया कि सरकार का फैसला मनमाना और अनुचित है। पीठ ने यह भी कहा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र में कथित गलत इस्तेमाल को रोकने के वास्ते निजी कंपनियों को इस दवा को बनाने या आपूर्ति करने से रोकने
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