आयुष्मान भारत 2.0 में कैंसर की बीमारी के लिए बेहतर कवर

निधि शर्मा, नई दिल्ली की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अब आयुष्मान भारत योजना के तहत बेहतर हेल्थ कवर मिल सकेगा । योजना के तहत कैंसर का इलाज दवा की खुराक के आधार पर होगा न कि कैंसर के प्रकार के आधार पर। नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के तहत बेहद गरीब परिवारों के लिए करीब 200 अतिरिक्त पैकेजेस जोड़े जाएंगे, जिनमें कार्डियॉलजी और हड्डी रोगों से जुड़े बेहतर क्वॉलिटी के इम्प्लांट शामिल हैं। इस फ्लैगशिप प्रोग्राम को लागू करने वाली नोडल एजेंसी नैशनल हेल्थ अथॉरिटी(NHA) के गवर्निंग बोर्ड ने बुधवार को आयुष्मान 2.0 को मंजूरी दे दी। यह मंजूरी कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। आयुष्मान भारत ने कैंसर केयर के मामले में खुद को टाटा मेमोरियल अस्पताल के नैशनल कैंसर ग्रिड के साथ खड़ा कर दिया है। अब तक अस्पतालों द्वारा मुहैया कराया जाने वाला कैंसर इलाज इस बात पर निर्भर करता था कि कौन-सा कैंसर है। यानी कैंसर कहां है, लंग्स में या पैनक्रियास में? बहरहाल, अब कैंसर केयर प्रिस्क्राइब की गईं दवाओं के आधार पर की जाएगी। टाटा मेमोरिल अस्पताल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोटोकॉल्स अब सभी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों के पास होंगे। ईटी को एक सूत्र ने बताया, 'अब तक कैंसर केयर पैकेजेस का उतना इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था, जितना हम चाहते थे, लेकिन अब सब बदल जाएगा।' गवर्निंग बोर्ड के अप्रूवल के बाद अब पैकेजेस में बदलाव किए जाएंगे और आईटी प्लैटफॉर्म पर अपलोड कर दिए जाएंगे। आयुष्मान 2.0 की शुरुआत 1 अक्टूबर से होनी है। अब आयुष्मान भारत के तहत बेहतर इम्प्लांट्स की सुविधा मिलेगी। अब तक प्राइवेट अस्पतालों को घटुनों के रिप्लेसमेंट और स्टेंट आदि लगाने जैसी किसी भी इम्प्लांट सर्जरी के लिए के एकमुश्त रकम रीइम्बर्स की जाती थी। अब पैकेज में सर्जरी और इम्प्लांट, दोनों का खर्च अलग से मेंशन होगा। इसके जरिए मरीज को पहले बेहतर इम्प्लांट सुविधा मिल सकेगी। सूत्र ने आगे बताया, 'इससे यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अस्पताल कहीं सस्ता इम्प्लांट कर पूरे पैकेज की कीमत तो नहीं वसूल रहे।' हेल्थकेयर में बदलाव की पूरी प्रक्रिया नीति आयोग के सदस्य प्रफेसर विनोद के पॉल की अगुवाई वाली एक्सपर्ट कमिटी ने पूरी की। इस कमिटी का गठन आयु।अमान भारत के तहत कवर किए जाने वाले 1300 पैकेजेस की समीक्षा के लिए किया गया था। कमिटी ने उन पैकेजेस की समीक्षा की, जो मरीजों और आयुष्मान लाभार्थियों के इलाज के बदले केंद्र द्वारा अस्पतालों का रीइम्बस्मेंट अमांउट तय करते थे। सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत के लॉन्च के बाद से अस्पताल और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स इसकी लगातार मांग कर रहे थे। इस समीक्षा के बाद जो सबसे अहम बात निकल कर आई है, वह है आयुष्मान भारत के तहत 200 नए पैकेजेस की शुरुआत। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'आयुष्मान भारत के तहत कई पैकेजेस नहीं थे। इनके लिए अस्पताल मनमाना रीइम्बर्समेंट क्लेम करते थे। समीक्षा प्रक्रिया के तहत ऐसे पैकेजेस का पता लगाया गया, जो अकसर इस्तेमाल किए जा रहे थे और उन्हें आयुमान के तहत लाया गया।' समीक्षा के बाद डायलिसिस का खर्च भी कम किया गया है, अब सरकार अस्पतालों को इस प्रक्रिया के लिए कम राशि का रीइंबर्समेंट करेगी। वहीं, मोतियाबिंद की सर्जरी को आयुष्मान भारत योजना से बाहर कर दिया गया है।


from Latest Business News in Hindi - बिज़नेस खबर, बिज़नेस समाचार, व्यवसाय न्यूज हिंदी में | Navbharat Times http://bit.ly/2NaTAPA
Previous Post
Next Post
Related Posts