सिद्धार्थ/राजीव देशपांडे, नई दिल्ली अगर आप सालाना अपने बैंक खाते में एक निश्चित सीमा से अधिक राशि जमा करते हैं या निकालते हैं तो जल्द ही सिर्फ पैन की जानकारी काफी नहीं होगी। इकॉनमी में करंसी के अधिक फ्लो पर नकेल कसने के लिए एक निश्चित मूल्य से अधिक राशि को पार करने पर सरकार आधार को प्रमाणित कराना जरूरी बनाने की योजना बना रही है। इसे आप बायोमैट्रिक टूल का इस्तेमाल करके या फिर वन टाइम पासवर्ड का इस्तेमाल करके कर पाएंगे। पढ़ें- फाइनैंशल बिल में प्रस्तावित विधेयकों के अनुसार इसका दायरा कई दूसरे बड़े लेवल के ट्रांजैक्शन जैसे निर्धारित सीमा से अधिक विदेशी करंसी की खरीद तक भी बढ़ाया जाएगा, जहां अभी तक सिर्फ पैन की जानकारी देना ही काफी होता था। एक सूत्र ने बताया कि ठीक इसी तरह किसी निश्चित मूल्य के प्रॉपर्टी के लेनदेन के मामले में भी केवल आपके आधार या पैन की जानकारी देना ही अनिवार्य नहीं होगा बल्कि प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के समय आधार के प्रमाणीकरण की भी जरूरत होगी। फुलप्रूफ तो नहीं पर फ्रॉड पर कसेगा नकेल एक सरकारी सूत्र ने कहा, 'हम इस तरह से सीमा तय करना चाहते हैं कि छोटे ट्रांजैक्शन को बिना कोई दिक्कत दिए, केवल ऐसे लोग को ट्रैक किया जा सके जो एक निश्चित मूल्य से अधिक का ट्रांजैक्शन करते हैं। हालांकि इन सीमाओं पर अभी काम करने की जरूरत है लेकिन बायोमैट्रिक टूल्स या फिर ओटीपी का इस्तेमाल करके को अनिवार्य करने से 10 से 25 लाख तक के डिपॉजिट या विद्ड्रॉल का पता लगाया जा सकता है।' पढ़ें- सूत्रों ने बताया कि इस कदम की इसलिए भी जरूरत थी क्योंकि कुछ डिपॉजिटर फेक पैन नंबर का इस्तेमाल करते हैं जिससे उनके ट्रांजैक्शन को ट्रैक नहीं किया जा पाता। हालांकि यह पूरी तरह से विश्वसनीय तो नहीं कहा जा सकता लेकिन इससे फ्रॉड को कम करने में निश्चित तौर पर मदद मिलेगी।
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