इस्लामाबाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान साल 2018 में सत्ता संभालने के बाद पहली बार अमेरिकी दौरे पर हैं। रविवार को तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका पहुंचे इमरान का आज वहां के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से मुलाकात होगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के मुताबिक, खान और ट्रंप के बीच दो अलग-अलग बैठकें होंगी। पहली बैठक ओवल जबकि दूसरी बैठक कैबिनेट कक्ष में आयोजित होगी। खास बात यह है कि इमरान खान का पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के रूप में यह दौरा कई मामलों में पूर्व के पाक प्रधानमंत्रियों के अमेरिकी दौरे से अलग है। इस दौरे में कई बातें ऐसी हैं जो पहली बार हो रही हैं। आइए डालते हैं एक नजर... 1. पहली बार कोई पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अपने आर्मी चीफ और खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुखों के साथ अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर गए हैं। इस बार इमरान खान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के साथ अमेरिका में हैं। दरअसल, कहा यह जा रहा है कि बाजवा और हामिद ही इस्लामाबाद और वॉशिंगट के बीच ज्यादातर बातचीत करेंगे और ज्यादातर समझौतों पर फैसला लेंगे। 2. इमरान खान पाकिस्तान के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने अमेरिका में पाकिस्तानियों को संबोधित किया। शायद उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा ली है जिन्होंने 2014 में सत्ता संभालने के बाद अपने पहले अमेरिकी दौरे पर न्यू यॉर्क के मैडिसन स्क्वैयर में बड़ी संख्या में जुटे भारतीयों को संबोधित किया था। इमरान के सामने पाकिस्तान की माली हालत सुधारने की बड़ी चुनौती है, इसलिए वह विदेशों में बसे पाकिस्तानियों से आस लगाए हैं। उन्हें प्रवासी पाकिस्तानियों से देश में ज्यादा धन भेजे जाने की उम्मीद है। उनके लिए खुशखबरी यह है कि वित्त वर्ष 2019 में पाकिस्तान को प्रवासियों से 3.13 अरब डॉलर मिले थे जो वित्त वर्ष 2018 में प्राप्त 2.7 अरब डॉलर से ज्यादा है। पाक पीएम के कार्यक्रम में बलोच कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए। 3. पहली बार ऐसा हुआ कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने प्राइवेट जेट से नहीं, बल्कि कमर्शल एयरलाइंस से अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर गए हैं। इमरान खान ने कतर एयरवेज से पहले दोहा पहुंच जहां एयरलाइन के सीईओ अकबर अल बक्र ने उनकी मेहमाननवाजी की। 4. इमरान खान पाकिस्तान के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं जो अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर किसी होटल में नहीं रुके, बल्कि वह अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत के घर पर रुके हैं। इससे पाकिस्तान के सरकारी खजाने का कम-से-कम 4 लाख डॉलर बच गया। 2015 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिलने गए थे तो सरकारी खजाने से 4 लाख 60 हजार डॉलर खर्च हुआ था, लेकिन इस बार इमरान ने ठहरने का खर्च बचा लिया। उनका यह दौरा महज 60 हजार डॉलर में ही पुरा हो जाने का अनुमान है।
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