SBI चीफ रजनीश कुमार ने कहा, इकॉनमी के लिए अगले 2 महीने बेहद अहम

सलोनी शुक्ला/एम सी गोवर्द्धन रंगन, मुंबई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि छह वर्षों में सबसे भीषण सुस्ती का सामना कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अगले दो महीने बहुत अहम हैं। इकॉनमी के लिए अहम ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के मुश्किलों में घिरे होने के बीच यह बहस गर्म है कि आर्थिक सुस्ती साइक्लिकल है या स्ट्रक्चरल। कुमार ने कहा कि वह सरकारी बैंकों के विलय के सरकार के फैसले से सहमत हैं। कुमार ने एसबीआई के ऐनुअल बैंकिंग ऐंड इकनॉमिक्स कॉन्क्लेव से पहले ईटी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'अगर आज ऑटोमोबाइल सेक्टर को देखें तो आंकड़ा आ रहा है कि किया मोटर्स ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। यह सेक्टर बड़े बदलाव से गुजर रहा है।' इकॉनमी के लिए अक्टूबर-नवंबर बेहद अहम महीने उन्होंने कहा, 'लोगों की सोच में बदलाव और पर्यावरण से जुड़े मसले हैं। हमें नहीं पता कि सुस्ती का कितना हिस्सा साइक्लिकल है और कितना स्ट्रक्चरल। हालांकि अक्टूबर और नवंबर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दो बेहद अहम महीने हैं।' फेस्टिव सीजन देश में कंजम्पशन ग्रोथ में बड़ा योगदान करता रहा है। इस बार का यह सीजन तय करेगा कि भारतीय लोग सुस्ती की चिंता को दरकिनार कर मुट्ठी खोल रहे हैं या नहीं। भारत की जीडीपी ग्रोथ जून तिमाही में पांच प्रतिशत के साथ छह साल के निचले स्तर पर चली गई थी। मंथली ऑटोमोबाइल सेल्स में भी बड़ी गिरावट आई है। कुछ मामलों में तो 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इससे डीलरशिप्स घाटे में चली गई हैं और छंटनी की नौबत आ गई है। 25 साल पहले दिया गया था बैंकों के कंसॉलिडेशन का सुझाव सरकार ने राहत उपायों की घोषणा की थी। साथ ही, उसने 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर चार बैंक बनाने का ऐलान किया था। सरकार के मुताबिक इसका मकसद कर्ज वितरण बढ़ाकर ग्रोथ रिवाइव करना है। कुमार ने कहा, 'सरकारी बैंकों के कंसॉलिडेशन का सुझाव 25 साल पहले दिया गया था। यह तो करना ही था।' उन्होंने कहा, 'अगर एग्जिक्यूशन टीम दमदार हो तो किसी भी क्रेडिट स्लोडाउन से निपटा जा सकता है। सबसे बड़ा मसला आईटी, मानव संसाधन और कस्टमर इंटीग्रेशन का है।' वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले हफ्ते कहा था कि सरकार 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर चार बड़े बैंक बनाएगी, जिससे कर्ज वितरण में मदद मिलेगी।


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