कर्ज वितरण नहीं बढ़ा पा रहीं NBFC, होम-ऑटो लोन में कमी ज्यादा

सलोनी शुक्ला/शिल्पी सिन्हा, मुंबई नॉन बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों (NBFC) की तरफ से बांटे जाने वाले लोन की मात्रा में गिरावट जारी है और यह स्थिति तब है जब सरकार ने इस सेक्टर को मिलने वाले लोन की मात्रा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। IL & FS के अप्रत्याशित रूप से डिफॉल्ट करने के बाद पैदा हुए नकदी संकट के लगभग एक साल पूरे होने पर जून में की तरफ से बांटे जाने वाले लोन में 28% प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। क्रेडिट ब्यूरो CRIF हाई मार्क के डेटा के मुताबिक, NBFC की तरफ से आवंटित लोन का स्तर जून के अंत में 1.79 लाख करोड़ रुपये पर आ गया जो मार्च के अंत में 2.49 लाख करोड़ रुपये था। लोन आवंटन के मामले में पहली तिमाही सुस्त CRIF के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट पारिजात गर्ग ने कहा, 'जून तिमाही में लोन आवंटन में ज्यादा गिरावट आई क्योंकि खास हौसला अफजाई नहीं करने वाले इकनॉमिक इंडिकेटर्स के साथ इसको देखने पर हालात की चिंताजनक तस्वीर नजर आ रही है। अब NBFC सेक्टर को राहत दिलाने की पूरी जिम्मेदारी फेस्टिव सीजन पर आ गई है क्योंकि लोन आवंटन के लिहाज से मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही सुस्त रही है।' आंकड़ों के मुताबिक लोन आवंटन में गिरावट की सबसे ज्यादा मार हाउसिंग, प्रॉपर्टी और ऑटो लोन सेगमेंट पर पड़ी है। NBFC की तरफ से हुआ लोन आवंटन 30% की गिरावट के साथ 45,000 करोड़ रुपये पर आ गया जो मार्च में 64,000 करोड़ रुपये रहा था। जहां तक डिवेलपर्स को बांटे गए लोन की बात है तो उन्हें जून तिमाही में 13,730 करोड़ रुपये दिए गए जबकि मार्च में यह आंकड़ा 23,000 करोड़ रुपये का था। डेटा बताते हैं कि जून तिमाही में NBFC की तरफ से ऑटो और टू-वीइलर लोन का आवंटन 17% की गिरावट के साथ 26,000 करोड़ रुपये रह गया था। NBFC को राहत दिलाने के लिए उपाय टोटल क्रेडिट में 20% से ज्यादा योगदान करने वाले NBFC सेक्टर को धराशायी होने से बचाने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक ने किसी राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया था और न ही उनके वास्ते लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए अलग से कोई इंतजाम किए। लेकिन मुसीबतों से जूझ रही NBFC को राहत दिलाने के लिए उनकी तरफ से दूसरे तरह के उपाय किए गए हैं। रेगुलेटर ने बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय किए ताकि उनके जरिए NBFC को लोन दिलाया जा सके। इसके लिए NBFC के लोन के सिक्योरिटाइजेशन और प्रायरिटी सेक्टर नॉर्म्स को उदार बनाया गया। सरकार ने अपनी तरफ से कदम बढ़ाते हुए NBFC में भरोसा बहाली के लिए पार्शियल क्रेडिट गारंटी स्कीम का ऐलान किया।


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