ट्रैफिक रूल्स से लिंक होगा गाड़ियों का इंश्योरेंस प्रीमियम, पॉइंट्स बताएंगे कितना महंगा होगा इंंश्योरेंस!

नई दिल्लीजल्द संभव है कि आप जब-जब यातायात नियमों का उल्लंघन करें तब-तब आपके खाते में पॉइंट्स जुड़ते जाएं और ये पाॉइंट्स निर्धारित करें कि आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस प्रीमियम कितना महंगा होगा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रयासरत केंद्र सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की रकम में भारी वृद्धि के बाद अन्य तरीकों पर भी विचार कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने इंश्योरेंस रेग्युलेटर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) को एक वर्कफोर्स गठित करने का निर्देश दिया। दो महीने में रिपोर्ट देगा इरडा का वर्कफोर्स सरकार के निर्देश पर गठित 9 सदस्यों वाले वर्कफोर्स में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, इरडा, इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया और प्राइवेट सेक्टर की विभिन्न कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं जिन्हें 2 महीने में बताएंगे कि यातायात नियमों के उल्लंघन को इंश्योरेंस प्रीमियम से जोड़ने का तरीका क्या हो। अभी वाहनों की इंश्योरेंस प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ी किस टाइप की है और उसकी इंजन क्षमता क्या है। वाहन मालिक ने अगर पिछले वर्ष इंश्योरेंस क्लेम नहीं किया तो अगली बार प्रीमियम पर कुछ छूट मिल जाती है। दिल्ली में पायलट प्रॉजेक्ट इरडा की कार्यसमिति मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक उल्लंघन के साथ जोड़ने के तौर-तरीके ढूंढेगी और इसके बारे में सिफारिश देगी। इरडा की तरफ से जारी 6 सितंबर को आदेश के मुताबिक, बीमा कंपनियों को प्रीमियम बढ़ाने का फॉर्म्युला लागू करने के लिए एनसीटी दिल्ली में पायलट प्रॉजेक्ट शुरू करना होगा। कार्यसमिति को इरडा के आदेश के 2 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इससे लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों पर जल्द दोहरी मार पड़ेगी। सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना पहले ही काफी बढ़ा दिया है। ड्राइवरों का व्यवहार बदलने की कवायद इरडा के आदेश के मुताबिक इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक उल्लंघन से जोड़ने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है और गाड़ी चलानेवालों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। आदेश के मुताबिक, 'केंद्र मेट्रो और स्मार्ट सिटी में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अपनाने पर फोकस कर रही है। इसको देखते हुए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में शामिल वाहनों के रजिस्टर्ड ऑनर/ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई के लिए ई-चालान के जरिए ऑटोमेटेड ट्रैफिक इन्फोर्समेंट और ई-चालान सिस्टम लागू किया गया है। माना जा रहा है कि इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के साथ जोड़ने पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है और गाड़ी चलाने वालों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है।' ट्रैफिक रूल्स तोड़ने पर बढ़ा जुर्माना मोटर वाहन अधिनियम में हालिया संशोधन के एक सितंबर 2019 से लागू होने से यातायात के नियमों का उल्लंघन होने पर भारी जुर्माना देना पड़ रहा है। ऐसे में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करनेवालों के लिए मोटर इंश्योरेंस का प्रीमियम भी बढ़ जाएगा। कार्यसमिति पता करेगी कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम को किस तरह यातायात नियमों के उल्लंघन से जोड़ा जा सकता है। इंश्योरेंस कंपनियों को भी होगा फायदा इरडा के 2017-18 की सालाना रिपोर्ट कहती है कि कुल 1.56 लाख करोड़ रुपये नॉन-लाइफ कैटिगिरी के इंश्योरेंस प्रीमियम से आए थे जिसका 30% हिस्सा यानी 59,250 करोड़ रुपये मोटर इंश्योरेंस का था। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इंश्योरेंस कंपनियां सड़क हादसों में हो रही मौतों की संख्या घटाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। यह उनके बिजनस के लिहाज से भी फायदेमंद होगा क्योंकि तब उनके सामने कम क्लेम आएंगे। इंश्योरेंस कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत की बात इसलिए भी होगी क्योंकि सरकार ने सड़क हादसों में मौत पर इंश्यरोंस कंपनियों से मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये जबकि घायल होने पर 5 लाख रुपये कर दी है। (ETOnline और टाइम्स न्यूज नेटवर्क के इनपुट के साथ)


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