नयी दिल्ली, चार नवंबर (भाषा) हरित रेंटिंग प्रणाली ‘जीआरआईएचए’ के प्रमुख ने कहा है कि भारत में दो प्रतिशत से कम हरित (पर्यावरण अनुकूल) इमारतें हैं लेकिन इनकी संख्या में बढोत्तरी करने का बड़ा अवसर है क्योंकि देश का करीब 60 प्रतिशत आधारभूत ढांचा अगले 20 वर्ष में बनने वाला है। चिंताजनक प्रदूषण स्तर का सामना कर रहे दिल्ली जैसे शहरों में हरित इमारतों का महत्व बताते हुए ‘ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटिड हैबीटेट एसेसमेंट (जीआरआईएचए) काउंसिल’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सेठ ने कहा कि हरित इमारतें बाहर के प्रदूषण से लोगों का सामना होने की संभावनाओं को कम
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